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न्यायालय में मनाया गया संविधान दिवस,  न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

खबर सोर्स : सूचना विभाग बरेली 

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बरेली  l उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय  न्यायाधीश विनोद कुमार के दिशा निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली के मुख्यालय पर भी संविधान दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली सौरभ कुमार वर्मा ने डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की फोटो पर माल्यार्पण किया और कार्यालय में उपस्थित कर्मचारी व वादकारियों को संविधान के प्रति जागरूक किया l  न्यायाधीश विनोद कुमार अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली द्वारा सभी न्यायाधीश और कर्मचारियों को संविधान के प्रति कर्तव्य निष्ठा का पालन करने की शपथ दिलाई गई साथ ही जनपद न्यायाधीश ने अपने संबोधन में संविधान से जुड़ी 15 मुख्य बातें  भी बताई।

 

 

 

1. मूल रूप से भारत का संविधान हिन्दी और अंग्रेजी दो भाषाओं में लिखा गया था।
2. भारतीय संविधान को बनने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का वक्त लगा था।
3. भारतीय संविधान के अंग्रेजी संस्करण में कुल 117,369 शब्द हैं।
4. भारतीय संविधान की मूल कॉपी हाथ से लिखी गयी है। भारतीय संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने इटैलिक स्टाइल राइटिंग में लिखा है।
5. भारतीय संविधान का हर पेज शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा सुसज्जित किया गया है।
6. भारतीय संविधान की मूल कॉपी भारत के संसद भवन की सेंट्रल लाइब्रेरी में हीलियम गैस से भरे शीशे के बॉक्स में बेहद सुरक्षा के साथ अनुकूल वातावरण में रखी गई है।
7. अंतिम रूप मिलने से पहले भारतीय संविधान के पहले ड्राफ्ट में करीब 2000 संशोधन किये गये थे।
8. भारत के संविधान की प्रस्तावना में दो शब्द सेक्युलर और सोशलिस्ट 1976 में आपातकाल के दौरान जोड़े गये थे।
9. भारतीय संविधान में 25 भागों में कुल 470 अनुच्छेद, 12 शेड्यूल है।
10. भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा संविधान है.
11. भारतीय संविधान बनाने में प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे।
12. भारत के संविधान को ‘Bag of Borrowings’ भी कहा जाता है. क्योंकि इसके ज्यादातर प्रावधान अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, सोवियत संघ, आयरलैंड समेत अन्य देशों के संविधानों से प्रेरित हैं।
13. भारतीय संविधान सभा में कुल 284 सदस्य थे, जिनमें से 15 महिलाएं थीं।
14. भारतीय संविधान की प्रस्तावना अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना से प्रेरित है। दोनों से शुरू होती हैं।
15. भारत के संविधान की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में होती है। 1950 से अब तक इसमें 105 संशोधन किये गये हैं।

 

 

सौरभ कुमार वर्मा ने बताया कि इण्डिया अर्थात् भारत राज्‍यों का एक संघ है। य‍ह संसदीय प्रणाली की सरकार वाला एक स्‍वतंत्र प्रभुसत्ता सम्‍पन्‍न समाजवादी लोकतंत्रात्‍मक गणराज्‍य है। यह गणराज्‍य भारत के संविधान के अनुसार शासित है जिसे संविधान सभा द्वारा 26 नवम्‍बर 1949 को ग्रहण किया गया तथा जो 26 जनवरी 1950 को प्रवृत्त हुआ।

संविधान में सरकार के संसदीय स्‍वरूप की व्‍यवस्‍था की गई है जिसकी संरचना कतिपय एकात्‍मक विशिष्‍टताओं सहित संघीय हो। केन्‍द्रीय कार्यपालिका का सांविधानिक प्रमुख राष्‍ट्रपति है। भारत के संविधान की धारा 79 के अनुसार, केन्‍द्रीय संसद की परिषद में राष्‍ट्रपति तथा दो सदन है जिन्‍हें राज्‍यों की परिषद (राज्‍य सभा) तथा लोगों का सदन (लोक सभा) के नाम से जाना जाता है।

संविधान की धारा 74 (1) में यह व्‍यवस्‍था की गई है कि राष्‍ट्रपति की सहायता करने तथा उसे सलाह देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधान मंत्री होगा, राष्‍ट्रपति सलाह के अनुसार अपने कार्यों का निष्‍पादन करेगा। इस प्रकार वास्‍तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद में निहित है जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री है।

कार्यक्रम के अवसर पर प्राधिकरण के कर्मचारी बालकराम, शुभेन्द्र पाराशरी, एहसान खान, नौशाद अली, हेमेंद्र, अमित कुमार, पारिवारिक न्यायालय के काउंसलर जितेंद्र कटियार, रुचि सक्सैना, अधिवक्ता मध्यस्थकार राजेश शर्मा, श्रीमती हरिंदरजीत कौर चड्डा, ओंकार सिंह रघुवंशी, पैरा लीगल वालंटियर शुभम राय, रजत कुमार, राजेश राय के साथ मुख्यालय पर आए वादकारी उपस्थित रहे।

 

 

संविधान दिवस पर लॉ कॉलेज में लगा विधिक जागरूकता शिविर

संविधान दिवस के अवसर पर विधि छात्रों के बीच विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया l सिलवर लॉ कॉलेज में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली सौरभ कुमार वर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने 19 नवंबर 2015 को राजपत्र अधिसूचना द्वारा 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2015 को मुंबई में बीआर अंबेडकर की स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी स्मारक की आधारशिला रखते हुए यह घोषणा की । 2021 का वर्ष अम्बेडकर की 131वीं जयंती थी, जिन्होंने संविधान सभा की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की थी और संविधान के प्रारूपण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले इस दिन को विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था।

 

 

26 नवंबर को संविधान के महत्व को फैलाने और अंबेडकर के विचारों और विचारों को फैलाने के लिए चुना गया था। राष्ट्रीय कानून दिवस 2021, 26 नवंबर को पीएम मोदी का भाषण और साथ ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया l भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था l लेकिन 26 नवंबर 1949 को पहली बार इसे औपचारिक रूप से अपनाया गया था l इसलिए 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है l इस दिन को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है lसिल्वर लॉ कॉलेज में संविधान दिवस के कार्यक्रम में विधिक जानकारी लेने के लिए कॉलेज के विधि छात्र व अध्यापक उपस्थित रहे।

 

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