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शाबाश : महिला प्रधान भी बनना चाहती है पुलिसकर्मी ,  शादी के 12 साल बाद परीक्षा में बैठी ग्राम प्रधान 

बरेली :  हमारे यहां  कहावत है  जब जागो तब सवेरा , यह बात ठिरिया ठकुरान गांव की  महिला प्रधान पर ठीक बैठती है।  महिला प्रधान की कम उम्र में शादी हो गई जिसके चलते उनकी पुलिस कर्मी बनने की चाहत पर ब्रेक लग गया था।  लेकिन जैसी यूपी पुलिस की भर्ती आई तो उनके सपने एक फिर जाग गए। पति का साथ  मिला तो महिला प्रधान के सपने  भी फिर जाग गए।  इसी क्रम में महिला प्रधान ने पुलिस की नौकरी में जाने के लिए एग्जाम की तैयारी शुरू की , जब परीक्षा आई तो वह परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी के रूप में पहुंच गई। रागिनी बरेली के ठिरिया ठकुरान गांव की  मौजूदा प्रधान हैं,  महिला प्रधान के पति अजयपाल प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं।  रागिनी ने बताया कि  उनकी शादी 12 साल पहले हुई थी ।
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पहले भी सोचा था कि पुलिस विभाग में भर्ती होने की तैयारी करूं, परिवार ने 20 साल की उम्र में ही शादी कर दी। ससुराल में घर का बोझ आ पड़ा तो फिर आगे कुछ ज्यादा करने को मिला नहीं । रागिनी ने आगे बताया कि पति अजयपाल की गांव और आसपास के गांव में  अच्छी पहचान है। गांव में प्रधान पद के लिए महिला सीट रिजर्व थी, इसलिए पति ने चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुनाव के लिए 6 महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। जिसमें उसे जीत नसीब भी हुई।  चुनाव के दौरान उसे  घर परिवार में पड़ोस की महिलाओं को लेकर वोट मांगने के लिए घर-घर गई । उसने वोट के लिए बड़ों से आशीर्वाद लिया तो पैर छूने में भी शर्म नहीं की ।
प्रधान बनने को के बाद जब गांव से बाहर निकाल कर देखा कि तहसील और ब्लॉक के कार्यक्रमों में आना-जाना हुआ तो कुछ चीज और समझ में आई।तब सोचा कि सरकारी नौकरियों में पुलिस पुलिस ऐसा विभाग है जो दूसरों की सबसे ज्यादा सेवा करता है। और हर व्यक्ति को पुलिस से ही सबसे ज्यादा उम्मीद रहती है। महिला प्रधान ने आगे बताया कि मैंने कई बार रात के 12 बजे  तो कभी  3 बजे भी पुलिस को कॉल की  है। गांव में कोई बात हो जाती है तो भी पुलिस को बुलाया जाता हैं । कुल मिलाकर कैसा भी अपराध हो  या विवाद हो पुलिस ही काम आती है। यह देखकर पिछले दो-तीन साल से पुलिस में भर्ती होने का मन बनाते हुए तैयारी शुरू कर दी थी । रागिनी ने यह भी  बताया कि घर परिवार का काम निपटाना के बाद रात में दो से तीन घंटे पढ़ाई की । रागिनी की कहानी पुलिस भर्ती परीक्षा की कोई इकलौती कहानी नहीं है।  कुछ महिलाओं का यह भी कहना था कि पति की बेरोजगारी और घर के बढ़ते हुए खर्च को देखते हुए पुलिस भर्ती का मन बनाया है।  इसलिए वह पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहती है।

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