
बरेली | जिला जेल में जन्माष्टमी का त्यौहार कोविड गाइड लाइन के बीच बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है | बंदियों ने भगवान कृष्ण के प्रति अपनी आस्था दिखाते हुए कृष्ण लीला का मंचन किया है | जेल में बंदियों ने उन सभी किरदारों को अपने अभिनय में उतारा जो कृष्ण लीला के पात्र होते है | यहां कोई बंदी भगवान कृष्ण बना तो कोई सुदामा , कोई देवकी तो कोई कंस | इस दौरान सबसे खास बात रही कि बंदियों ने मंचन के दौरान किसी भी किरदार को ढीला नहीं छोड़ा बल्कि देखने वालों को यह एहसास कराया जैसे वह खुद कृष्ण लीला के किरदार है | जेल में बंद सभी बंदियों ने कृष्ण लीला का खूब आनंद लिया |

जेल प्रबंधन ने कृष्ण जन्मोत्सव को देखते हुए व्यापक तैयारी की थी | जेल को काफी अच्छे से सजाया गया था और बंदियों को ऐसा मंच देने की कोशिश की जहां से बंदी अपनी परेशानियों को पीछे छोड़ दे| कृष्ण लीला के मंच को ऐसा सजाया गया था जो कृष्ण लीला के किरदारों को मिक्स करने में काफी मदद कर रहे थे | जानकारी के मुताबिक बंदियों ने सबसे ज्यादा सुदामा -कृष्ण के मित्रता संवाद को पसंद किया |
जिला जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि कारागार रही है | इस अवसर पर जिला कारागार कैदियों द्वारा जन्माष्ठमी का त्योहार मनाया जा रहा है | कोविड के मद्देनजर बचाब करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम किये गए है | कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बैरकों को में किया जा रहा है | सभी बंदी शाम को अपने क्षेत्र में झांकी सजायेंगे | उन्होंने इस मौके पर बंदियों के साथ समस्त देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनायें दी है |




