बरेली। जुलूस-ए-मोहम्मदी को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन, जुलूस कमेटियों और शहर की विभिन्न अंजुमनों के पदाधिकारियों की अहम बैठक आईएमए हॉल में हुई। बैठक में जुलूस के रूट, समय, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश तय किए गए।

अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल के सचिव शान अहमद रजा ने बताया कि सदर सैयद आसिफ मियां की सहमति के बाद 12 रबीउल अव्वल को प्रस्तावित जुलूस को लेकर व्यवस्थाएं तय की गई हैं। उन्होंने दरगाह आला हजरत प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) से जुलूस की सरपरस्ती करने और सज्जादानशीन अहसन रजा खां कादरी को परचम सौंपकर जुलूस रवाना कराने की अपील की।
दोपहर 3 बजे रवाना होगा जुलूस
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जुलूस-ए-मोहम्मदी कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से दोपहर 3 बजे रवाना होगा। सभी अंजुमनों को ढाई बजे तक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। अंजुमनों की एंट्री का समय दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है।
बैठक में लोगों से जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपील की गई। आयोजकों ने कहा कि जुलूस में दरूद-ओ-सलाम, नात-ए-पाक और जिक्र-ए-मुस्तफा पर ध्यान रखा जाए।
विवादित नारों और खतरनाक ड्राइविंग से बचने की अपील
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म, समुदाय, मसलक, संगठन या व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ नारे नहीं लगाए जाएंगे। विवादित नारों और कव्वाली से भी परहेज करने की अपील की गई।प्रशासन की ओर से निर्धारित रूट का पालन करने, लाउडस्पीकर का इस्तेमाल तय नियमों के अनुसार करने और वाहनों को तेज या खतरनाक तरीके से न चलाने पर जोर दिया गया। साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को तत्काल रास्ता देने की अपील की गई।
सफाई और सुरक्षा पर भी जोर
जुलूस के दौरान सड़कों पर कूड़ा न फेंकने और सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की गई। किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस अथवा वालंटियर्स को सूचना देने के निर्देश दिए गए।बैठक में सैयद आसिफ मियां, शान अहमद रजा, आसिम हुसैन कादरी, हाजी जावेद खान, हाजी उवैस खान, शाहिद नूरी, अजमल नूरी, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी, औरंगजेब नूरी, नासिर कुरैशी, मंजूर रजा और शारिक बरकाती समेत शहर की विभिन्न अंजुमनों के अध्यक्ष और सचिव मौजूद रहे।
समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी को आपसी भाईचारे, सौहार्द और अमन का संदेश देने वाला आयोजन बनाया जाए।



