बरेली। आंवला के मोतीपुरा गांव में देर रात एक जर्जर मकान का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त पास की गली में बंधे कई पशु मलबे की चपेट में आ गए। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर पशुओं को बाहर निकाला गया, लेकिन एक भैंस की मौत हो चुकी थी। तीन अन्य भैंस और एक गाय घायल हुई हैं।

जानकारी के मुताबिक मोतीपुरा निवासी रमेश पुत्र कल्यान के मकान से सटा एक पुराना भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था। इस हिस्से का इस्तेमाल पशुशाला के तौर पर किया जाता था। भवन का आगे का भाग खपरैल से बना था, जबकि पीछे कच्ची छत थी। ग्रामीणों के अनुसार इसकी दीवारें कमजोर होने के साथ एक तरफ झुक गई थीं।
पड़ोसी खेमपाल पुत्र हीरालाल ने बताया कि जर्जर दीवारों को लेकर मकान मालिक को कई बार अवगत कराया गया था। उनका दावा है कि करीब डेढ़ साल से दीवारों को हटाने की मांग की जा रही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
हादसे के समय खेमपाल और उनके भाई धर्मपाल ने अपने पशु गली में बांध रखे थे। रात करीब तीन बजे अचानक जर्जर दीवारें गिर गईं और पशु मलबे में फंस गए। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया।
पशुपालकों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते जर्जर हिस्से को हटा दिया जाता तो हादसे को रोका जा सकता था। घटना में हुई पशुहानि से परिवारों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है।



