बरेली।
डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन और संगठनात्मक स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।
महापौर ने हाल में चुनाव आयोग की ओर से जारी संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी की बैठक हुई थी। आयोग ने अपने बयान में एसआईआर से जुड़े प्रमुख फैसलों को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।
उमेश गौतम ने कहा कि एसआईआर और फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने इन मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। आयोग के अनुसार, एसआईआर के लिए फॉर्म-6 से जुड़े घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
महापौर ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में बयान देते समय उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक मुद्दे को संस्थागत विवाद का रूप देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ठोस तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिला मीडिया प्रभारी अंकित माहेश्वरी, महानगर मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर और जिला उपाध्यक्ष राहुल साहू समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



