बरेली। लालफाटक स्थित वृद्धाश्रम में कायस्थ सेना कल्याण परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य मुमुक्षु दद्दा जी महाराज वृंदावन वालों ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का जीवन में महत्व समझाया। कथा के दौरान परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक भाव की रसधार बहती रही।

कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। श्रद्धा और एकाग्रता के साथ कथा का श्रवण मनुष्य को आत्मचिंतन की ओर ले जाता है और उसके भीतर सकारात्मक परिवर्तन की राह खोलता है।
उन्होंने नारद जी और भक्ति देवी के प्रसंग के माध्यम से समझाया कि भक्ति के साथ ज्ञान और वैराग्य का जागृत होना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में ज्ञान होने के बावजूद मोह-माया और सांसारिक आकर्षण में उलझा रहता है। ऐसे में भक्ति के साथ विवेक और अनासक्ति का विकास ही जीवन में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।कथा के दौरान गोकर्ण और धुंधुकारी का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि धुंधुकारी केवल किसी एक व्यक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर मौजूद अनियंत्रित कामनाओं, वासनाओं और अज्ञान का प्रतीक है। वहीं गोकर्ण जागृत चेतना और विवेक का प्रतीक हैं।
उन्होंने भागवत कथा के सात दिवसीय श्रवण और धुंधुकारी के उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि बांस की सात गांठों का टूटना मनुष्य के भीतर मौजूद विकारों और मानसिक बंधनों के समाप्त होने का प्रतीक माना जा सकता है। कथा के निरंतर श्रवण से मनुष्य आत्मचिंतन करते हुए अपने भीतर के अज्ञान, मोह और नकारात्मक प्रवृत्तियों से बाहर निकलने की प्रेरणा प्राप्त करता है।
कथा व्यास ने कथा श्रवण की विधि और भागवत के माहात्म्य पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। गोकर्ण-धुंधुकारी प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया और कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
आयोजन में कायस्थ सेना कल्याण परिवार के आलोक प्रधान एडवोकेट, रविंद्र श्रीवास्तव, आलोक सक्सेना एडवोकेट, डॉ. नितिन सक्सेना, श्यामदीप सक्सेना एडवोकेट, आलोक कुमार सक्सेना, आलोक वर्मा, ईशान इशू, प्रदीप श्रीवास्तव, प्रीति सक्सेना, सीमा प्रधान, डॉ. सोनिया सक्सेना, श्रीमती नीरा श्रीवास्तव, योगेश सक्सेना, आर्यन प्रधान, डॉ. सुबोध अस्थाना, रवि सक्सेना अवधपुरी, सुनील कुमार सक्सेना एडवोकेट, अश्वनी जौहरी और मयंक श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



