मीरगंज। किच्छा नदी के लगातार बढ़ रहे कटाव ने मीरगंज तहसील क्षेत्र के बैरमनगर गांव में ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को नदी के तेज कटाव की चपेट में आकर पानी की टंकी परिसर में बना कमरा अचानक ढह गया और मलबे समेत नदी में समा गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले भी नदी के कटाव से निर्माणाधीन पानी की टंकी का फाउंडेशन क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गया था। इस टंकी के निर्माण पर करीब 3.97 करोड़ रुपये खर्च होने थे। फाउंडेशन बहने के बाद से ही टंकी परिसर के आसपास की जमीन लगातार कट रही थी।
सोमवार को नदी का बहाव तेज होने के साथ कटाव ने और विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते परिसर की जमीन का एक हिस्सा नदी में कटकर चला गया और वहां बना कमरा भी इसकी चपेट में आ गया। कुछ ही देर में कमरा भरभराकर नदी में जा गिरा।
ग्रामीणों राधेश्याम कश्यप, राधेश्याम दिवाकर, जलील अहमद और अमित कुमार ने बताया कि किच्छा नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले टंकी का फाउंडेशन नदी में समाया और अब परिसर का कमरा भी बह गया। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव नहीं रोका गया तो आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के कटाव का तत्काल स्थायी समाधान कराने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।



