
बरेली | स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर फ़िरोज़ा इरफ़ान ने मंगलवार सुबह इंतेक़ाल हो गया , उनको अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई जिसकी वजह से शहर के एक नीजि अस्पताल में इंतेक़ाल हो गया| पिछले दिनों उनको कोरोना हुआ था और कुछ दिन पहले ही उनकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद घर आ गई थी,25 मई यानि 14 दिन पहले उनके पति डॉ इरफ़ान सिद्दीकी का कोरोना के कारण इंतेक़ाल हो चुका था| डॉ इरफ़ान सिद्दीकी समाजसेवी थे साथ ही उनकी पत्नी डॉ फ़िरोजा इरफ़ान भी गरीब परिवार की महिलाओं का ईलाज भी निःशुल्क करती थी आज उनके इंतेक़ाल की खबर से शोक की लहर दौड़ पड़ी।उनका सिविल लाइन बड़े डाकघर के पीछे क्लीनिक हैं, डॉ इरफ़ान सिद्दीकी के इंतेक़ाल के वक़्त डॉ फ़िरोज़ा इरफ़ान घर पर ही आइसोलेटेड थी उनको अपने पति के इंतेक़ाल के बारे में मालूम नहीं था,जब मालूम हुआ तो वह सदमे में आ गई थी।
डॉ फ़िरोज़ा इरफान के बेटे डॉ सलमान सिद्दीकी और शयान सिद्दीकी और दो बेटियां हैं,आज उनको बाद नमाज़ ए असर हुसैनबाग स्थित कल्लू मियाँ के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए ख़ाक किया गया।10 जून,ब्रस्पतिवार को बाद नमाज़े असर सिविल लाइन कैंट स्थित आवास पर सोयम की फातेहख़्वानी की रस्म अदा की जाएगी| इंतेक़ाल पर अफसोस करते हुए मग़फ़िरत की दुआं की,इस मौके पर पूर्वमंत्री अताउर्रहमान, जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी,फहाद जीशान रूफ़ी,डॉ हारून सिद्दीकी,डॉ फैसल सिद्दीकी,नसीर अहमद,बरेली हज सेवा समिति के मीडिया प्रभारी हाजी साकिब रज़ा खान,ताहिर हुसैन,प्रभारी मोहसिन इरशाद आदि ने मग़फ़िरत की दुआं की।



