
मुजस्सिम खान
वरिष्ठ संवाददाता
उत्तर प्रदेश वर्ष 2022 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर सत्तारूढ़ दल के अलावा विपक्षी पार्टियां भी एक दूसरे को निशाने पर लेने तैयारियों में जुट चुकी है । गत विधानसभा चुनाव में भाजपा 14 साल के बाद सूबे की सत्ता में आई थी । इस चुनाव में जनपद की 5 विधानसभा सीटों में से 2 भाजपा की झोली में गई थी जिसके बाद बिलासपुर सीट से चुनकर विधानसभा पहुंचे सरदार बलदेव सिंह औलख को राज्य मंत्री बनाया गया था मुख्यमंत्री के साथ ही राज्यमंत्री औलख भी स्थानीय स्तर पर विकास का दावा करते नजर आते थे लेकिन वह अपने विधानसभा क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे तो उन्हें कीचड़ से भरी सड़क से पहले लोगों द्वारा गाड़ी से उतरवा लिया गया फिर उन्हें इस कीचड़ भरी सड़क में पैदल चलने का आग्रह किया गया मामला उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा था जिसकी वजह से वह कीचड़ से होकर गुजरे ।
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख जब ऑक्सीजन प्लांट के उद्घाटन के कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे और उन्होंने जब माइक संभाला तो उन्हें कीचड़ से गुजरने वाला नजारा याद आ गया यहीं से उनका धैर्य जवाब दे गया और वह इस कीचड़ भरी और जर्जर सड़क ना बन पाने को लेकर काफी नाराज नजर आए उन्होंने मंच से अधिकारियों को इस सड़क के निर्माण को लेकर बरती जा रही लापरवाही को लेकर मोटी चमड़ी वाला तक कहने में हिचक महसूस नहीं की उनके एक एक शब्द में बेबसी भी नजर आ रही थी।
जल संचय राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने अपनी स्पीच के दौरान कहा …..…मेरे कुछ भाई खड़े थे मैं उनसे तो कुछ नहीं कह सकता बहुत सारे नालायक आदमी है यहां पर जिनको कहने के बावजूद भी मोटी चमड़ी को कोई असर नहीं होता। मैंने डीएम साहब से भी बात करी है कि कई बार कहने के बावजूद भी उनके सर पर जू तक नहीं रेंगती पता नहीं उन्होंने बुद्धि अपनी इस तरह की बना ली है। मैं कह नहीं सकता जितना हम सब लोग प्रयास करते हैं डीएम से लेकर एडीएम से लेकर एसडीएम से लेकर हम लोग इतना प्रयास करते हैं यह उतना ही उसको धराशाई करने का काम करते हैं। और मदद करने के बजाय उसको पीछे खींचते हैं मुझे अफसोस है मुझे इस मंच से कहना पड़ रहा है फिर भी अब हम उसको देखेंगे। उसका भी अंत होता है और मुझे लगता है उसका अंत हो चुका है। मैं ज्यादा ना कहते हुए क्योंकि पिछली बार हमारे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आए थे उन्होंने इसका शिलान्यास किया था। तब से अब तक 2 महीने के दौरान भी यह इसको नहीं करा पाए।
:जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादड़ के मुताबिक यहां के जो नगर पालिका के ईओ है उनकी कार्य क्षमता उचित नहीं है मैंने पहले भी उनको लिखित रूप में और मौखिक रूप में वार्निंग दी है जब से मैं जनपद में आया हूं मैंने लगातार बिलासपुर का भ्रमण किया है तो बहुत उचित व्यवस्था यहां पर नहीं मिली है। कई बार हमने बताया है कि सीएचसी पर जो रोड आता है उस पर एक्सीडेंटल और गर्भवती महिलाएं भी आती हैं उस पर 3 बार बताने के बाद भी प्रस्ताव तैयार ना करना कार्यकुशलता अच्छा नहीं होने के संकेत हैं। उसके अलावा प्रदेश सरकार की मंशा है और निर्देश हर जितने भी हमारे अस्पताल है वह लिंक रोड अच्छे होने चाहिए। यह खराब श्रेणी में है और कहने के बाद भी नहीं करना बड़ी लापरवाही है और इस पर में कड़ी कार्रवाई करूंगा। शासन को इनके बारे में लिखेंगे और स्थानीय स्तर पर जो इन्होंने काम कराए हैं उसकी भी जांच की जाएगी।




