
ज्योतिषाचार्य- आचार्य मुकेश मिश्रा
बरेली। बरेली की राशि वृषभ है, और चंद्रमा तुला राशि में गतिशील है। तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह है, जो कि सौंदर्यता, प्रतिष्ठा और दांपत्य जीवन के कारक माने जाते हैं। बरेली के लिए छटा चंद्रमा बहुत ही अनुकूल है। खासकर के व्यापारियों के लिए। आज निर्जला एकादशी भी है, इसे भीमा एकादशी भी कहते हैं। सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार धर्म के अनुयाई बिना जल ग्रहण किए निर्जल रहकर व्रत करते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। और यश, वैभव, सुख आदि की प्राप्ति होती है। इस दिन दान पुण्य का बहुत ही महत्व है। ऐसा करने से जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है, और बैकुंठ की प्राप्ति बड़ी सहजता और सरलता से होती है। आज के दिन शिव योग और सिद्धि योग भी रहेगा, जो बेहद कल्याण प्रद है। इस योग में की गई पूजा अर्चना व्रत उपवास से सभी कार्यों में सफलता बड़ी सहजता से प्राप्त होगी। जो आज राशि के अनुसार दान पुण्य करेंगे तो उनके वंश में कभी भी निर्धनता नहीं आएगी,और भगवान की महती कृपा सरलता से प्राप्त होगी।
*देखिए आज का पंचांग*
विक्रमी संवत – 2078
शाके – 1943
मास – ज्येष्ठ मास ,शुक्ल पक्ष
दिन – सोमवार
तिथि – एकादशी तिथि
नक्षत्र- स्वाति नक्षत्र
योग – शिव योग
करण – विष्टि भद्र करण
*किसी भी शुभ कार्य का समय*
अमृत का चौघड़िया प्रातः 5:11 से 7:01 तक
शुभ का चौघड़िया प्रातः 8:46 से 10:30 तक
चर, लाभ, अमृत, चर, का चौघड़िया मध्यान्ह 1:58 से रात्रि 8:27 तक
*राशि अनुसार करें दान*
मेष – सात अनाज दान करें।
वृष – सफेद वस्त्र।
मिथुन – हरे फल, आम, खरबूजा।
कर्क – जल की व्यवस्था, वाटर कूलर, पंखे, कूलर का दान।
सिंह – एयर कंडीशनर या धर्म स्थानों पर विद्युत उपकरण, जीवन में सुख-समृद्घि एवं वृद्धि लाएंगे।
कन्या- अनाथालय या लंगर में हरी सब्जियां व खरबूजे दान करें।
तुला – मीठे जल या पेय की छबील लगाएं।
वृश्चिक – भगवान विष्णु का स्मरण और तरबूज।
धनु – पीला ठंडा केसर युक्त दूध।
मकर – छतरी, जल पात्र, कलश, छायादार पौधारोपण या शैल्टर का निर्माण कर सकते हैं।
कुंभ – जल से भरा कुंभ, कूलर, फ्रिज, वाटर कूलर, एंबुलैंस वाहन।
मीन – ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ का पाठ और ‘सर्व भूत हिते रता:’ की भावना से सार्वजनिक स्थान पर पीपल का पेड़ लगाना आपको निरोगी काया देगा और अन्य को छाया देगा।




