
वाराणसी | डेढ़ साल से रामनगर वन्यजीव संरक्षण में कैद गजराज मिट्ठू को रिहाई मिल सकती है | मिठ्ठू पर एक शख्स की हत्या के आरोप में रामनगर वन्यजीव संरक्षण में रखा गया है | वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने अब इस मामले में खुद पहल शुरू की है | जानकारी के मुताबिक गजराज मिठ्ठू पर 302 का मुकदमा दर्ज है | मिठ्ठू पिछले डेढ़ साल से बेड़ियों में जकड़ा हुआ है| मिठ्ठू के इस दर्द को किसी ने ट्वीट के करके वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश तक पहुंचाया | कमिश्नर ए सतीश गणेश ने चिड़िया घर के डायरेक्टर रमेश पांडेय से बात कर पैरोल पर रिहा कराने की बात को आगे बढ़ाया | अब इस पहल को रंग मिलता दिख रहा है | मिठ्ठू को जल्द रिहा होकर लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क भेजने की बात भी चर्चा जोर पकड़ रही है | पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया के जरिए जानकारी हुई कि चंदौली में पिछले साल की एक घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी |इस घटना में एक बेजुबान जानवर हाथी को रामनगर वन्यजीव संरक्षण में रखा गया है| जब मामले में ज्यादा पूछताछ कि तो पता चला कि मिठ्ठू हाथी ने किसी शख्स पर हमला कर दिया था जिसमें उसकी जान चली गई थी | वही इस मामले में महावत को जमानत मिल गई है | लेकिनर तबसे मिठ्ठू वन्यजीव संरक्षण में है | कमिश्नर फॉरेस्ट ए सतीश गणेश ने अपने एक साथी रमेश पांडेय सें संपर्क किया | रमेश पांडेय वर्त्तमान में नई दिल्ली चिड़ियाघर के डायरेक्टर हैं | रमेश पांडेय ने दुधवा नेशनल पार्क के अधिकारियों से इस मसले पर बात की है | उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जल्दी मिट्ठू को संरक्षित स्थान दुधवा नेशनल पार्क के जंगल में उसे शिफ्ट किया जाएगा |
मिठ्ठू ने छेड़खानी से परेशान होकर रमा शंकर की ली थी जान
मिट्ठू ने 20 अक्टूबर 2020 को चंदौली के बबुरी क्षेत्र में रमा शंकर सिंह नाम के व्यक्ति को कुचलकर मार दिया था| इस मामले में महावत के साथ ही इस गजराज के ऊपर वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा चन्दौली के बबुरी थाने में लिखा गया था। हालाँकि कुछ समय बाद महावत को तो जमानत मिल गई | लेकिन तब से हाथी रामनगर वन्यजीव संरक्षण में है |




