बरेली। अपनी लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बरेली जिला मुख्यालय पर आवाज बुलंद की। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार से पूर्व में हुई सहमति को लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
यूनियन की जिला अध्यक्ष शिववती साहू ने कहा कि फरवरी 2026 में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ संगठन के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई थी। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं की 13 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन अब तक नहीं हो सका है। कार्यकर्ताओं ने आशाओं का मासिक आधार भुगतान बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने और आशा संगिनियों के मानदेय में भी वृद्धि की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न अभियानों में किए गए काम की लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग उठाई। इनमें आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, पोलियो, फाइलेरिया, टीबी, कुष्ठ रोग, दस्तक, संचारी रोग अभियान, जननी सुरक्षा योजना और नसबंदी जैसे कार्य शामिल हैं। पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक और संचारी अभियानों के लिए प्रतिदिन 500 रुपये प्रोत्साहन राशि निर्धारित करने की मांग भी की गई।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने चार महीने का मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज के साथ पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा की राशि दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग रखी। भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
यूनियन ने 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की। प्रदर्शन में रूप देवी, पूनम शर्मा, हिराकली, लीलावती, दीपा सिंह, रूबी, ओमवती, राजरानी, कमला, वंदना सक्सेना, पिंकी, निशी, शकुंतला, रजनी देवी, मिथलेश, शीला, कुसुम, रेनू और उमा देवी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहीं।



