बरेली। बदायूं के जरीफनगर क्षेत्र में रिश्वतखोरी के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ट्यूबवेल का खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने और बिजली बिल माफी योजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद टीम ने जाल बिछाकर दोनों को कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मदपुर कुड़ई गांव के सर्वेश कुमार ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके खेत के ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगवाने की जरूरत थी। इसके साथ ही बिजली बिल माफी योजना से संबंधित काम कराने के लिए उससे रकम मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उसे विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद बरेली मंडल की एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने जरीफनगर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र पर 13 अगस्त को छापा मारकर दोपहर करीब 3:12 बजे दोनों आरोपियों को 12 हजार रुपये लेते पकड़ लिया।
गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान हरदेवा राम (32) और मानक चंद्र (28) के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार हरदेवा राम टीजी-2 के पद पर तैनात है, जबकि मानक चंद्र संविदा लाइनमैन के तौर पर काम कर रहा था।
एंटी करप्शन टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्रवाई ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में की गई।सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर एंटी करप्शन टीम की ओर से लगातार ट्रैप कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया गया है।



