निर्जला एकादशी पर बन रहा अत्यंत कल्याणकारी शिवयोग

Picture of cradmin

cradmin

FOLLOW US:

SHARE:


ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा 

निर्जला एकादशी का व्रत सोमवार 21 जून को है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार जो भक्त सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक बिना खाए, जल ग्रहण किए निर्जल रहकर व्रत करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और यश, वैभव, सुख की प्राप्ति होती है। दान-पुण्य से पापों से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष शास्त्र में शिव योग और सिद्धि योग को बेहद शुभ माना जाता है। यह योग ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग से बनता है। यह योग सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव का अर्थ कल्याण होता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद शुभ योग में गिना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में शुभ परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।

कर्क रेखा पर रहेगा सूर्य

इस दिन सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत रहेगा. जिससे धरती के उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होगी. इस दिन कर्क रेखा के नजदीक मौजूद शहरों में दोपहर तकरीबन 12 से 12 :30 के आसपास जब सूर्य आसमान के बीच में होगा तब थोड़ी देर के लिए परछाई गायब हो जाएगी.

निर्जला एकादशी मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारम्भ – 20 जून 2021 को शाम 04:21 बजे
एकादशी तिथि समाप्त – 21जून 2021 को दोपहर 01:31 बजे
पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 22 जून 2021 को सुबह 05:13 से 08:01 बजे तक

cradmin
Author: cradmin

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ी गई न्यूज