बरेली।
युवा अधिवक्ताओं का कहना था कि पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देशभर में छात्र अपनी आवाज उठा रहे थे। उनका मानना है कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए।
इस दौरान कई युवा अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं की आवाज को महत्व मिलना आवश्यक है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष परीक्षाएं ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जश्न के दौरान मौजूद अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रहने का संदेश दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक खुशी का माहौल बना रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा और युवा अधिवक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा युवाओं के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।युवा अधिवक्ता कपिल रत्न ने संघर्ष करने वाले सभी छात्रों को बधाई के साथ उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



