
बरेली | जिला अस्पताल में तैनात ईएमओ शैलेश रंजन ऐसे शख्स है | जिन्होंने कोरोना काल में अपनी विशेष सेवाएं दी है | वह इस महामारी के दौर में खुद भी कोरोना पॉजिटिव हुए लेकिन कभी भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा | शैलेश रंजन अभी तक बड़ी संख्या में मरीज देख चुके है | शैलेश रंजन के पास आने वाले मरीज इस बात से भी संतुष्ट दिखते है कि डॉक्टर ने उनकी परेशानी को ध्यान से सुना और अपना परामर्श भी दिया | शैलेश रंजन ने 300 बेड कोविड अस्पताल में भी सेवाएं दी और ऐसे समय दी जब लोगो में इस रहस्मई बीमारी का खौफ था |

डॉक्टर शैलेश रंजन बताते है कि कोरोना काल में उन्होंने एक छुट्टी कभी अपने मन से नहीं ली , वह जब खुद कोरोना पॉजिटिव हुए तो कोविड गाइड लाइन को मानते हुए खुद को 8 दिन के लिए आइसोलेट किया वही उनका बेटा कोरोना संक्रमित हुआ तो उसकी देखभाल के लिए दो चार दिन घर पर रहना पड़ा | फिलहाल वह बेहद खुश है कि वह एक डॉक्टर होने का फर्ज अच्छे से अदा कर रहे है | वही उनकी धर्म पत्नी पर उन्हें कोरोना काल में बढ़िया काम करने के लिए प्रेरित कर रही है | शैलेश यह भी बताते है कि कोरोना होने के चलते उन्हें काफी कमजोरी आई , फिर भी उन्होंने केवल 8 दिन के अंदर अपनी सेवाएं जनता को देना शुरू कर दी | हालांकि इस बात की जरूर उन्हें चिंता हुई जब उनके कई साथी डॉक्टर और अन्य नर्सिंग स्टाफ कोरोना संक्रमित हुआ |




