बरेली। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दंपति अपनी नाबालिग बेटी के साथ कथित तौर पर आत्मदाह करने पहुंच गया। मौके पर तैनात इंटेलिजेंस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की सतर्कता से समय रहते परिवार को रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिवार अपने साथ पेट्रोल लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा था। जैसे ही आत्मदाह की कोशिश की गई, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और इंटेलिजेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को सुरक्षित कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें गोपनीय कार्यालय ले जाकर पूरे मामले की जानकारी ली गई और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
पूछताछ में परिवार की पहचान लाल सिंह गंगवार, उनकी पत्नी और नाबालिग बेटी के रूप में हुई। परिवार का आरोप है कि उनके घर तक जाने वाला पुश्तैनी रास्ता संदीप नामक एक होमगार्ड ने बंद करा दिया है। इससे उनके आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों से की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
परिजनों का कहना है कि लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने और न्याय नहीं मिलने से वे मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। इसी निराशा में उन्होंने डीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव चौधरी ने बताया कि परिवार का मेडिकल कराया जा रहा है। शिकायत के सभी बिंदुओं की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



