बरेली। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बरेली प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए), पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कई कोचिंग संस्थानों की जांच की। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर राजेंद्र नगर स्थित ओमेगा क्लासेस

जांच में सामने आया कि ओमेगा क्लासेस के पास बीडीए और अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी नहीं थी। इतना ही नहीं, एक कमरे में बड़ी संख्या में छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।
वहीं मैट्रिक्स कोचिंग सेंटर आवासीय भवन में संचालित पाया गया। संस्थान के पास न तो कॉमर्शियल स्वीकृति थी और न ही फायर एनओसी। निरीक्षण के दौरान भवन में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी नहीं मिले। आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की कमी को गंभीर लापरवाही माना गया।
अभियान के दौरान कई अन्य भवनों में भी मानकों के विपरीत कोचिंग सेंटर संचालित होते मिले। अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर सीढ़ियां इतनी संकरी थीं कि किसी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है।
एसपी सिटी मानुष पारिक ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, फायर एनओसी की कमी या अन्य गंभीर खामियां मिल रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों को ताक पर रखकर छात्रों की जान जोखिम में डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी मानुष पारिक, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, बीडीए अधिकारी सीताराम, अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा समेत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही।




