बरेली। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। बीएसएनएल का दावा है कि उसकी नई योजनाएं न केवल गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाएंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार का अवसर देकर उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद करेंगी।

बीएसएनएल के महाप्रबंधक (वाणिज्य क्षेत्र बरेली ) ओम प्रकाश कन्नौजिया ने बताया कि विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर नेटवर्क के माध्यम से डिजिटल क्रांति लाने की तैयारी पूरी कर चुका है। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत भारतनेट परियोजना के जरिए ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा रहा है, जिससे गांवों के लोग भी डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि बीएसएनएल ने अपने विशेष भारतनेट ब्रॉडबैंड प्लान के तहत मात्र 259 रुपये प्रतिमाह की योजना शुरू की है। इस योजना में उपभोक्ताओं को 25 Mbps की स्पीड से 700 जीबी डेटा उपलब्ध कराया जाएगा।
निर्धारित डेटा सीमा पूरी होने के बाद भी 2 Mbps की गति से अनलिमिटेड इंटरनेट सेवा जारी रहेगी। इसके साथ ही देशभर में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी मिलेगी।
बीएसएनएल ने विभिन्न जरूरतों के अनुसार 499 रुपये से लेकर 1499 रुपये तक के कई FTTH प्लान भी उपलब्ध कराए हैं, जिनमें 60 Mbps से 250 Mbps तक की हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा और कुछ योजनाओं में लोकप्रिय OTT प्लेटफॉर्म की सुविधाएं भी शामिल हैं।
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का मौका
महाप्रबंधक ओम प्रकाश कन्नौजिया ने बताया कि बीएसएनएल ग्रामीण युवाओं को अपने साथ जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत इच्छुक युवा बीएसएनएल के साथ पार्टनर बनकर अपने क्षेत्र में फाइबर इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे।
युवाओं को इसके लिए सीमित निवेश करना होगा, जिसके बाद वे अपने क्षेत्र में OLT स्थापित कर घर-घर इंटरनेट कनेक्शन देने और नेटवर्क के रखरखाव का कार्य कर सकेंगे। बीएसएनएल और उद्यमियों के बीच राजस्व साझेदारी (रेवेन्यू शेयरिंग) मॉडल लागू होगा, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होगी।
बीएसएनएल का मानना है कि यह योजना गांवों में इंटरनेट पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। विभाग को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में युवा इस पहल से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ेंगे और डिजिटल भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।




