बरेली। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर निशाना साधते हुए विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की। बरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्ष को आपसी मतभेद पीछे छोड़कर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मौर्य ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और आरक्षण के मुद्दे उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और बेरोजगारी बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। आरक्षण को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। हालांकि, ये मौर्य द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
आजम खान के परिवार का भी उठाया मुद्दा
आजम खान के परिवार से मुलाकात के सवाल पर मौर्य ने कहा कि वह परिवार का हालचाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार को राजनीतिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मौर्य ने कहा कि उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए और कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक पूर्व मंत्री के खिलाफ बकरी और मुर्गी चोरी जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज किए जाने की स्थिति कैसे बनी।
अपनी पार्टी भी होगी गठबंधन!
स्वामी प्रसाद मौर्या ने यह भी कहा कि भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए । उनके बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना यह भी जा रहा है कि देर सवेर स्वामी प्रसाद मौर्या की पार्टी भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा होगी।




