बरेली।विश्वविख्यात दरगाह साबिर पाक कलियर शरीफ में चल रहे उर्स के अवसर पर दरगाह आला हज़रत की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रवाना हुआ। कुल शरीफ की रस्म 06 सितंबर को अदा की जाएगी। इस मौके पर दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की ओर से सय्यद आसिफ मियां दरगाह की चादर और अमन का पैग़ाम लेकर कलियर शरीफ के लिए रवाना हुए।
नासिर कुरैशी ने बताया कि जुलूस-ए-मोहम्मदी समाप्त होने के बाद सय्यद आसिफ मियां ने चादर के साथ यात्रा शुरू की। कलियर शरीफ पहुंचकर वे मुल्क की खुशहाली, अमन-चैन और मिल्लत की तरक्की के लिए दुआ करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में कारी रईस, मौलाना सलीम रजवी, कारी अब्दुर्रहमान खान, शाहिद फरीदपुरी, फहीम मियां और एडवोकेट शाहब सहित कई लोग शामिल रहे।
जुलूस के दौरान मुफ्ती बशीर उल क़ादरी ने खिताब करते हुए कहा कि आज का मुसलमान नबी-ए-पाक के किरदार से भटकता जा रहा है, जबकि नबी की तालीम थी कि रास्ते से पत्थर या कांटे हटा देना, पड़ोसियों का हक अदा करना और लोगों के लिए आसानी पैदा करना ही इंसान का असल किरदार है।
उन्होंने कहा कि बीमारों, बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की मदद करना ही नबी को सच्ची खिराज है। मुसलमानों को बुराई से बचते हुए नमाज़ की पाबंदी करनी चाहिए और पड़ोसी की मदद मजहब से परे होकर करनी चाहिए।
इस मौके पर मुफ्ती मुजीब और मुफ्ती कलीम उर रहमान क़ादरी ने भी पैग़म्बर-ए-इस्लाम को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया और अमन, मोहब्बत व इंसानियत का पैग़ाम दिया।




