
राजकुमार
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में वनविभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए अपनी हर संभव कोशिश कर दी है | इसी क्रम में वनविभाग की एक्सपर्ट टीम ने बाघिन के क्षेत्र को जाल लगाकर सीमित करने की कोशिश की है | बताया जाता है बाघिन को रबर फैक्ट्री के स्टाफ ने 13 मार्च 2020 को फैक्ट्री के परिसर में पहली बार देखा था | तब से वनविभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए चार से 5 रेस्क्यू चलाये लेकिन कोई अभियान सफल नहीं हो पाया | इस बार एक बार फिर एक्सपर्ट बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान कर रहे है | जानकारी के मुताबिक बीते शुक्रवार को भी बाघिन की लोकेशन फैक्ट्री के कोयला प्लांट से सटे मन्दिर के पास तालाब के पास देखी गयी है। बाघिन ने आधी रात के समय दहाड़ भी लगाई थी।जिसको सुनकर मौजूद बन विभाग की टीम के सदस्य और फैक्ट्री गार्ड अलर्ट हो गए थे ।

बाघिन आधीरात को निकल रही है शिकार पर
वनविभाग की एक्सपर्ट टीम ने बाघिन की सटीक लोकेशन लगातार मिलने पर बाघिन की घेराबंदी के लिए अभियान तेज कर दिया है।रबर फैक्ट्री के जंगल मे चहलकदमी कर रही बाघिन की लोकेशन लगातार मंदिर के पास तालाब के किनारे मिलने से जहां बन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली है। चार दिन पहले आये ऐक्सपर्ट ने बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है।तालाब के आसपास के एरिया को जाल लगाकर सील कर दिया है।साथ ही तालाब के पास शिकार बांधने की तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार की रात बाघिन के मोवेंट को देखने के लिये टीम टैंक पर बैठकर योजना वना रही थी।लेकिन बारिश आने से उनकी योजना फेल हो गयी।जिससे टीम कोयला प्लांट से करीब पचास मीटर दूर चौराहे पर लौटने के बाद बैठी ही थी।इतने में बाघिन की दहाड़ सुनाई दी।जिसे सुनकर आसपास होने के डर से सभी सहम कर अलर्ट हो गए।शुक्रवार को बाघिन की फुटेज कैमरे में देखी गयी तब वह आधीरात के बाद किसी शिकार को देखकर दहाड़ती नजर आ रही थी।




