
मुजस्सिम खान
उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी देर रात सपा सांसद आजम खान के आवास पर पहुंचे। जहाँ पर उन्होंने आजम खान की पत्नी जो शहर विधायक है ताज़ीन फातमा से मुलाक़ात की और उनके साथ उनका दुख दर्द भी बाटा इसके अलावा आजम खान की रिहाई की भी मांग की है।
सांसद आजम खान जब अखिलेश यादव कैबिनेट में मंत्री थे तब से उनका सारा जोर रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी पर था तत्कालीन सपा सरकार सत्ता पर काबिज थी तो उन्हीं देना उत्तराखंड के पूर्व गवर्नर अजीज कुरैशी को उत्तर प्रदेश का भी कार्यभार मिला था जिसके बाद पूर्व गवर्नर ने जौहर यूनिवर्सिटी के बिल पर हस्ताक्षर किए थे उनके इस काम से जौहर यूनिवर्सिटी को नई राह मिली थी उन्हीं दिनों को याद करते हुए पूर्व गवर्नर ने आजम खान के घर पहुंच कर उनकी पत्नी से मुलाकात की साथ ही वह पुरानी यादों को भी ताजा करते नजर आए ।
पूर्व गवर्नर अजीज कुरैशी के मैं अपनी भाभी से और भतीजे से मिलने आया हूं उनको हिम्मत देने आया हूं मुलायम सिंह ने इस यूनिवर्सिटी के लिए 50% सीट मुसलमानों के लिए रिज़र्व करने की बात कही थी जो एक तपके को मंजूर नहीं दी क्योंकि कुछ लोग इस कौम को जाहिल ही देखना चाहते हैं। जौहर यूनिवर्सिटी को विधानसभा से पास करने के 10 साल के बाद इस बिल को मंजूरी नहीं दी गई। गवर्नमेंट ने उसको पेंडिंग रखने की सिर्फ एक वजह थी मुलायम सिंह ने बतौर चीफ मिनिस्टर बिल पास करने दिया था कि 50% सीट मुसलमानों के लिए रिजर्व की थी यह बात एक तबके को कुबूल नहीं थी।
अज़ीज़ कुरैशी ने तंज़ करते हुए कहा जाहिल कोम मिट्टी उठाने वाली मजदूरी करने वाली जूते पॉलिश करने वाली यह कैसे पढ़ लिख जाएगी। इसमें डॉक्टर अगर होंगे तो 50% मुस्लिम डॉक्टर होंगे यह बर्दाश्त नहीं था इन्हें। इसलिए इन्होंने इस बिल को मंजूर नहीं किया। मैंने इंसाफ किया मैंने कोई कारनामा नहीं किया मैंने कोई तीर नहीं मारा। आजम खान ने इस यूनिवर्सिटी को खून पसीने से सींचा था। उसको वजूद में लाने के लिए मैंने सिर्फ दस्तखत किए कारनामा तो आजम भाई का है मुलायम सिंह यादव का है। हर आदमी उस काम को कर सकता था जो जानता था कि ये करने से मेरी गवर्नरी खत्म हो जाएगी तो आदमी अपनी गवर्नरी ही को देख ले या अपनी कौम को को देख ले। अज़ीज़ कुरैशी ने कहा मैंने अपने फर्ज की अदायगी की है मैंने कोई तीर नहीं मारा है। मैं भगवान को खुदा को गवाह बनाकर कहता हूं कि मैंने कोई ऐसा कारनामा नहीं किया है जिसमें मुझे गुरुर हो। एक इंसाफ था जिसको मना किया जा रहा था जिनको जस्टिस डिव था उनको डिव दिया मैंने। सारा क्रेडिट आजम भाई का है जिसमें उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी खर्च कर दी।
पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कुरेशी ने कहा में भाभी के पास आया था भतीजों के पास आया था डेढ़ साल से घर से बाहर नहीं निकला कोरोना की वजह से घर में ही कैद था। बहुत टाइम बाद घर से बाहर आया हूं यहां आया हूं यूं जो जुल्म टॉर्चर ज़्यादती ट्रीटमेंट जो इस गवर्नमेंट ने किया है | आजम भाई के तो उसके लिए मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। मेरे बयान आते रहते हैं तो इसलिए मैं भाभी की और बच्चो की खैरियत के लिए आया था। और कहने आया था की हिम्मत रखिए लोग आप के साथ हैं आपके अल्लाह साथ है। इंशाल्लाह जीत आपकी ही होगी और इस गवर्मेंट को शर्म आनी चाहिए है चुल्लू भर पानी में डूब ने के लिए। भाभी के यहां तो मै आदाब पेश करने आया था अपनी रेस्पेक्ट अपना आदाब उन को हिम्मत देने के लिए आया था। अल्ला मियां आप जैसी ख्वातीन को हिंदुस्तान में ओर पैदा करें ताकि आप मुकाबला कर सके और जिंदा रह सके और लोगों को जिंदा रख सके। दुआ कर सकते हैं जहां सरकार पीछे लगी हो कोर्ट को मजबूर कर दिया जाए एक के बाद एक मुकदमा कायम किए जाएं फिर छूट जाए फिर सरकार पीछे लग जाए रिवाइव करने के लिए तो यह शैतान की और इंसान की लड़ाई है राक्षको शैतान खून पीने वाले दरिंदे एक तरफ वह है और एक तरफ इंसान है जो हो रहा है वह हो रहा है हम देख रहे हैं।
पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कुरेशी ने कहा बेगरती हमारे कॉम की है और रामपुर वालों की है की आज़म भाई के साथ इतना जुल्म ज़्यादती हुई जो तारीख मिलेगी आपको बड़े-बड़े खास डाकू लुटेरे हमलावर हुए हैं ।गुमराह लोगों ने किया है उन्होंने भी कभी यह नहीं किया पहले जमाने में भी ऐसा कभी नही हुआ जो इस गवर्नमेंट ने किया है तो यह हमारे लोगों की कमी है मुसलमानों की खासतौर से और रामपुर वालों की आप लोग यहां मौजूद है।




