
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुस्लिम समाज ने गंगा जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल पेश की है जहां मुस्लिम समाज के लोगो ने ऐसे हालात में अंतिम संस्कार कराया है जब कोरोना के चलते लोग अपनों से दूरी बनाये हुए है | जानकारी के मुताबिक गुलाबबाड़ी के इंद्रानगर में किराये पर रहने वाली महिला मंजू देवी की शुक्रवार को पेट में दर्द होने के चलते अचानक मौत हो गई | मंजू देवी के पति ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों से अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी लेकिन सभी ने कोरोना का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार से दूरी बना ली | बाद में जब मामले की जानकारी मुस्लिम समाज के लोगो को पता चली तो वहां के लोगो ने महिला के अंतिम संस्कार में मदद की और महिला को कंधा देने के साथ सभी जिम्मेदारी को भी निभाया | इस घटना के दो दिन बाद क्षेत्र में तेजी से वीडियो वायरल हो रहा है | जहां मुस्लिम समाज के युवा महिला के शव यात्रा में शामिल है वही कुछ लोग राम राम सत्य की आवाज भी देते नजर आ रहे है | जानकारी के मुताबिक मुस्लिम युवाओं ने अपने रोजे के बाद महिला को कंधा देने के साथ दाहसंस्कार में शामिल होते हुए शव के लकड़ी नजर रखते हुए नजर आ रहे है |

महिला का पति विश्वनाथ बताते है कि उनकी पत्नी की पेट में दर्द होने के चलते मौत हो गई | जब किसी ने उनका साथ नहीं निभाया तो मुस्लिम समाज के लोगो ने उनका साथ निभाया | मुस्लिम भाइयों ने कंधा भी दिया और अंतिम संस्कार करने में भी मदद की | हाजी नवाब अली बताते है कि उनके पड़ोस में रहने वाली महिला की पेट में दर्द होने से मौत हो गई | महिला के अंतिम संस्कार कराने वाले कोई नहीं था तब मुस्लिम लड़कों ने महिला के शव को श्मशान भूमि तक पहुंचाया और हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कराया |




