बरेली | नवाबगंज के भदपुरा ब्लॉक ग्राम हरैया में कुछ दिन पूर्व सामाजिक संस्था ने स्थानीय किसानों की मदद से आवारा सांडो को दो ट्राली में भरकर तहसील में पहुंचा दिया था | प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों का 67000 रूपए का चालान काट दिया | इस घटना के विरोध में सामाजिक संस्था ने चालान भरने के लिए खुद ही मुहीम चला दी| अब संस्था जन सहयोग की मदद गांव गांव जाकर यह रकम जुटाएगी और चालान की रकम प्रशासन को सौंपेगी |
पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने मीडिया को बताया कि प्रशासन की ऐसी क्या मजबूरी रही होगी थी कि रात के 2:30 बजे चालान काटना पड़ा ,ये तो उसी समय काटा जा सकता था किंतु ऐसा नहीं किया गया | वरिष्ठ भाजपा नेताओं द्वारा यह सोची समझी रणनीति और प्रशासन की मिलीभगत के चलते किसानों का चालान काटा गया है किसानों की आवाज को दबाने व आम जनता का संस्था के ऊपर से विश्वास हटाने के लिए एक संस्था को भी राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बना दिया किंतु संस्था अध्यक्ष ने कहा इससे ना तो संस्था के इरादो पर और ना ही किसानों पर कोई आंच आने वाली है लेकिन हां आज प्रशासन व नेताओं का आंतरिक स्वरूप देखने को मिल गया | किसानों का भला कर रहे नेताओ के चेहरे से आवरण हट गया है किसानों की बात न सुनकर उनके ऊपर यह क्रूरता पूर्वक एक और प्रहार किया गया जिससे किसान कोई आवाज ना उठा सके | अध्यक्ष सुनीता ने कहा ग्राम हरैयाके ग्रामीणों ने यह साहस किया है की उन्होंने अपनी आवाज उठाई है | इसे कोई नहीं दबा सकता|
संस्था अध्यक्ष एड सुनीता गंगवार का अब एक अभियान शुरू होगा कि किसानों के ऊपर जबरन क्रूरता पूर्वक के जो आर्थिक दंड दिया गया है इसके लिए संस्था का अब चालान भरो आंदोलन शुरुआत करेगी | संस्था जनसहयोग और ग्रामीणों की मदद से 67000 रूपए की रकम जमा करके प्रशासन को सौंपेगी | प्रशासन ने यह चालान
किसी एक किसान पर नहीं है प्रदेश के समस्त किसानों पर एक ऐसा प्रहार है, जो अब तक के इतिहास में कभी नहीं हुआ इसलिए संस्था इस चालान को पूरी जनता से आवाहन करती है हम सब मिलजुल कर भरेंगे| संस्था 1 से लेकर जो भी संस्था को देगा वह संस्था स्वीकार करते हुए इस चालान के खिलाफ गांव गांव जाकर मुहिम छेड़ेगी ।




