
बरेली । सऊदी अरब के मक्का शहर के अराफ़ात के मैदान पर सोममवार से हज की रस्म शुरू हो चुकी है। इस मौके पर बरेली में भी हज को याद करने के लिये महफ़िल ए हज प्रोग्राम का आयोजन मदरसा तालीमुल इस्लाम गरीब नवाज बिहार कलां इज़्ज़त नगर बरेली में किया गया ।बाद नमाज़ ए ज़ोहर बरेली हज सेवा समिति के महासचिव इंजी.हाजी अनीस अहमद ख़ाँ की सरपरस्ती में किया गया,खुसूसी दुआएं हाफ़िज़ इमरान रज़ा बरकारी ने की।
ई.अनीस अहमद ख़ाँ ने बताया कि कोविड-19 से पहले जहां दुनियाभर से लगभग 25 लाख ज़्यादा मुस्लिम हज यात्रा पर जाते रहे है वहीं पहले की तुलना में इस बार इनकी संख्या लगभग न के बराबर है। इससे सऊदी अरब को हर साल होने वाली अरबों डॉलर की आमदनी भी प्रभावित हुई हैं
इस बार भी हज के तौर-तरीके बदले हुए नजर आ रहे हैं। मक्का पहुंचे हजयात्री एक-दूसरे से दूरी बनाए हुए और मास्क लगाना अनिवार्य है ।

सैनिटाइजेशन के लिए रोबोट
कोविड-19 के चलते इस बार हज के लिये अलग इंतजाम किये गए हैं। काबा शरीफ के आसपास सैनिटाइजेशन के लिये रोबोट तैनात किये गए हैं। इसके अलावा स्मार्ट ब्रेसलेट के जरिये लोगों की जांच की जा रही है। इस ब्रेसलेट के जरिये हज यात्री के ऑक्सीजन स्तर और टीकाकरण संबंधी जानकारी का पता लगाया जाता है। साथ ही इसके जरिये आपात स्थिति में मदद भी मांगी जा सकती है। इसके अलावा सफाईकर्मी दिन में कई बार मस्जिद अल हरम की सफाई और सैनिटाइजेशन का काम करते हैं। इसी मस्जिद ए हरम में भी ख़ास इंतेज़ाम किये गये हैं
सिर्फ टीका लगावाने वालों को परमिशन
हज यात्रा लगभग पांच दिन तक चलती है, लेकिन परंपरागत रूप से मुसलमान समय से हफ्तों पहले मक्का पहुंचना शुरू कर देते हैं। हज का समापन ईद-अल-अजहा के त्योहार के साथ होता है, जिसे दुनिया भर के गरीबों के बीच मांस के वितरण के लिये जाना जाता है। इस साल, टीका लगाए हुए 60 हजार से ज्यादा सऊदी नागरिकों या निवासियों को हज की अनुमति दी गई है।
जीवन में कम से कम एक बार किया जाने वाला हज इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है
कोरोना वायरस की महामारी के बीच मुसलमानों की सबसे पवित्र हज यात्रा शुरू हो गई है. हालांकि महामारी के चलते केवल 60 हज़ार लोग ही हज कर सकेंगे. इस बार सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोगों को ही हज करने की अनुमति मिली है,इसके साथ ही वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों ही यात्रा की इजाजत दी गई है।
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी ने सऊदी से मिली जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सऊदी अरब के यात्रियों को लॉटरी सिस्टम से चुना गया है. हज के लिए सऊदी अरब 5.58 लाख लोगों में से केवल 60 हजार को चुना गया,हज यात्रियों को 20-20 के ग्रप में बांटा गया है जिससे संक्रमण नहीं फैल सके,हर ग्रुप पर एक गाइड करने और नियमों का पालन कराने के लिए एक व्यक्ति नियुक्त किया गया है।
बरेली हज सेवा समिति के अध्यक्ष एवं यूपी सरकार के पूर्व मंत्री हाजी अताउर्रहमान ने बताया कि 2021 की हज यात्रा के लिये पूरे भारत से 60,000 हज यात्रियों ने आवेदन किया हैं,उत्तर प्रदेश से लगभग 6,367 आज़मीन ए हज ने फॉर्म भरा हैं वहीं बरेली मण्डल से लगभग 354 लोगों ने ही आवेदन किया हैं जिसमें बरेली से 222,पीलीभीत से 41,बदायूँ से 47,शाहजहांपुर से 44 हजयात्रियों ने आवेदन किया पर इस साल कोविड-19 की वजह से आज़मीन भारत पर हज यात्रा में शामिल न सकें हम अल्लाह से खुदा करते हैं कि आगे हमेशा लोग हज का फ़र्ज़ अदा करे इसके लिये खुसूसी दुआ की हैं।
हज ट्रेनर हाजी यासीन क़ुरैशी ने आज़मीन ए हज इस तरह से हज का फ़र्ज़ अदा करेंगे।
8 ज़िलहज को एहराम बाधकर हज की नीयत करके बसों के जरिये मिना रवानगी,दिन भर की नमाज़े मिना में अदा करना है।
9 ज़िलहज की सुबह फ़ज़्र के बाद अराफात रवानगी।अराफात में क्याम के साथ जोहर और असर की नमाज़े खुत्बा के बाद मगरिब तक क्याम।मगरिब की नमाज़ पढ़े बगैर अराफात से मुज्दल्फा रवानगी।रात में क्याम।मगरिब और इशा पढ़ना है।शैतान को मारने के लिये 49 कंकरी बीनना है।
10 ज़िलहज सुबह फ़ज़्र की नमाज़ के बाद मुज्दल्फा से मिना रवानगी।वहाँ पहुँचकर एक शैतान को 7 कंकरी मारना।कुर्बानी करना।हल्क करना।काबे की तवाफ़े ज़ियारत करना।वापस मिना आकर क्याम करना।
11 ज़िलहज नमाज़ ए फ़ज़्र के बाद तीनों शैतान को 7-7 कंकरी मारना।मिना में ही इबादत करना।
12 ज़िलहज नमाज़ ए फ़ज़्र के बाद तीनों शैतानो को 7-7 कंकरी मारना।हज मुकम्मल हुआ और अपने अपने कमरों पर वापस जाना है।
महफ़िल ए हज में नाज़िम ए आला हाफिज इमरान रज़ा बरकाती ने हज के मुबारक दिन के मौके पर खुसूसी दुआ में कोरोना से निज़ात के लिये दुआ की।
इस मौके पर पूर्व मंत्री अताउर्रहमान,ई.अनीस अहमद ख़ाँ,पम्मी खान वारसी,हाफ़िज़ इमरान रज़ा बरकाती,शम्मू खान,मुफ़्ती फुरकान रज़ा मंजरी
हाफिज मुजीब रज़ा,हाफ़िज़,आरिफ रज़ा ,छोटे खान ,सलीम खान,चुम्मन खान,अनीस खान ,हाफिज रियाज़ ,आमिर रज़ा ,हसीन खान,हफ़ीज़ खान,मोहसिन इरशाद आदि सहित लोग शामिल रहे।




