बरेली। सोशल मीडिया पर हथियारों की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर ग्राहक तलाशना और फिर बंद पड़े भट्ठे में उनकी डिमांड पूरी करना—आंवला पुलिस ने ऐसे ही एक कथित अवैध हथियार नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मनौना गांव के आगे बंद पड़े भट्ठे पर छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके पर तैयार हथियारों के साथ उन्हें बनाने का पूरा सामान भी मिला। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क बरेली के अलावा दूसरे जिलों तक हथियार पहुंचा रहा था।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के मुताबिक 29/30 सितंबर की रात आंवला पुलिस गश्त और संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने बंद पड़े भट्ठे में हथियार बनाए जाने की सूचना दी। पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान पर दबिश दी। वहां चार लोग हथियार तैयार करते मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदायूं निवासी योगेन्द्र प्रताप सिंह, रजत प्रताप सिंह उर्फ शंकर, रामगोपाल और अवधेश के रूप में हुई है। तलाशी में पुलिस को 315 बोर के 12 देशी तमंचे, एक पौनिया, एक देशी रायफल और एक जिंदा कारतूस मिला। इसके अलावा सात लोहे की नाल, ट्रिगर, स्प्रिंग और हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए।
पुलिस की पूछताछ में गिरोह का काम करने का तरीका सामने आया। पुलिस के अनुसार रामगोपाल और अवधेश हथियार तैयार करने और पुराने हथियारों की मरम्मत करते थे। दूसरी तरफ योगेन्द्र और रजत तैयार हथियारों को खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक इंस्टाग्राम के जरिए हथियारों का प्रदर्शन किया जाता था और सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाई जाती थी।
आरोपियों के पास से ब्रेजा कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। अब पुलिस मोबाइल फोन की जांच के जरिए हथियारों की बिक्री, ग्राहकों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अब तक कितने हथियार तैयार कर बेचे गए और किन-किन जिलों में उनकी सप्लाई हुई। मामले में आंवला थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



