बरेली। पीलीभीत के बहुचर्चित कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सर्वजीत उर्फ शिवम

बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी अजय साहनी ने बताया कि 25 मई को पीलीभीत में कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन घटना का मुख्य शूटर सर्वजीत लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में आईजी रमित शर्मा ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया।
डीआईजी के अनुसार, जांच में यह तथ्य सामने आया कि सर्वजीत ने 20 हजार रुपये की सुपारी लेकर व्यापारी की हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस को शनिवार देर रात सूचना मिली कि लखीमपुर खीरी निवासी हिस्ट्रीशीटर सर्वजीत किसी नई वारदात की फिराक में बिलसंडा क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस ने जब आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उसने बचने के लिए पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें सर्वजीत गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में उसका एक साथी फरार होने में सफल रहा है।
मुठभेड़ के दौरान चली गोलियों में एसओजी प्रभारी उमेश त्यागी और सिपाही हरेंद्र भी घायल हो गए। दोनों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।पुलिस के मुताबिक, सर्वजीत पर हत्या, लूट, गैंगस्टर सहित करीब 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, एक तमंचा और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पप्पू गुप्ता की हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश प्रमुख वजह थी। पुलिस अब इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




