बरेली। करीब 95 साल पुरानी पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राम कुमार अग्रवाल परिवार की तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि संजय अग्रवाल ने ‘विरासत बाय राम कुमार अग्रवाल जेम्स एंड ज्वेल्स’ के नाम से नया प्रतिष्ठान शुरू किया है। इसका उद्देश्य वर्षों से कायम ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं और आभूषणों का बेहतर अनुभव देना है।
वर्ष 1930 से आभूषणों की कारीगरी और गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले इस परिवार की विरासत अब नए नाम और नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है। संजय अग्रवाल का प्रयास है कि पारिवारिक परंपरा और पुराने मूल्यों को कायम रखते हुए ग्राहकों की बदलती पसंद और जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।
16 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
संजय अग्रवाल ने महज 16 वर्ष की उम्र में अपने दादाजी स्वर्गीय राम कुमार अग्रवाल के साथ काम करना शुरू कर दिया था। इसी दौरान उन्होंने आभूषणों की बारीकियों, कारीगरी और गुणवत्ता को करीब से समझा। वर्षों के अनुभव ने उन्हें इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद की।
विश्वास और बेहतर सेवा पर जोर
संजय अग्रवाल मानते हैं कि आभूषण केवल पहनने की वस्तु नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और यादगार पलों से जुड़े होते हैं। इसलिए ग्राहकों की पसंद, जरूरत और संतुष्टि को प्राथमिकता देना जरूरी है। नए प्रतिष्ठान के माध्यम से भी इसी सोच को आगे बढ़ाया जाएगा।
‘विरासत’ नाम परिवार की तीन पीढ़ियों के अनुभव, संस्कार और विश्वास का प्रतीक है। इस पहल के जरिए पारंपरिक आभूषण कला को आधुनिक सोच के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। संजय अग्रवाल की कोशिश है कि वर्षों से मिले ग्राहकों का भरोसा कायम रखते हुए नई पीढ़ी को भी बेहतर सेवा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




