बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आगमन से एक दिन पहले शहर के प्रमुख इलाके में लगाए गए एक राजनीतिक पोस्टर ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता संजीव सक्सेना की ओर से लगाए गए पोस्टर में कैंट क्षेत्र की विकास योजनाओं और जनसमस्याओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
पोस्टर पर लिखा है, “कैंट की जनता पूछे एक सवाल… आखिर कहां गया सरकारी माल?” वहीं दूसरी ओर लिखा गया है, “विधायक जी मस्त, जनता त्रस्त।” मुख्यमंत्री के दौरे से पहले लगाए गए इस पोस्टर को लेकर शहर में तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

संजीव सक्सेना का कहना है कि वह लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते रहे हैं। उनके मुताबिक, पोस्टर किसी व्यक्तिगत विरोध का माध्यम नहीं है, बल्कि क्षेत्र की जनता की आवाज को सामने लाने का प्रयास है। उनका कहना है कि लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर उन्होंने यह मुद्दे सार्वजनिक किए हैं।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि कैंट क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उन्होंने विशेष रूप से सुभाषनगर अंडरपास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बारिश के दौरान वहां जलभराव होने से स्कूली छात्राओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा श्मशान घाट तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी लोगों को जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।
संजीव सक्सेना ने दावा किया कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है तो इन जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे पर अपना फैसला करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले सामने आए इस पोस्टर ने बरेली की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के दौरे पर टिकी हैं कि शहर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से क्या संदेश और कदम सामने आते हैं।




