बरेली। तीन साल की डिग्री महज छह महीने में और फीस सिर्फ 50 हजार रुपये! सुनने में भले ही यह किसी शॉर्टकट जैसा लगे, लेकिन बरेली में इसी बहाने लोगों को ठगने का मामला सामने आया है। बारादरी पुलिस ने फर्जी मार्कशीट, प्रमाणपत्र और विश्वविद्यालयों की मुहरें तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बीए की तीन साल की डिग्री छह महीने में दिलाने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। उसके कब्जे से विभिन्न विश्वविद्यालयों की 21 मार्कशीट, छह प्रमाणपत्र, 11 अलग-अलग नामों की मुहरें, दो मोबाइल फोन, एक स्कूटी और 8,970 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

बीए की डिग्री के नाम पर लिए 50 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, पंजाब के संगरूर निवासी राहुल सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को बारादरी थाने की ई-मेल आईडी पर शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बरेली निवासी प्रदीप कुमार ने बीए में प्रवेश दिलाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये लिए। इसके बाद तीन साल की डिग्री महज छह महीने में उपलब्ध कराने का दावा किया। जब उन्होंने मार्कशीट के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपी ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया।
शिकायत की जांच और मोबाइल नंबर की सीडीआर के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रदीप कुमार गंगवार पुत्र वीरेंद्र पाल सिंह निवासी मकान नंबर के-57, आनंद विहार, आशापुरम, थाना बारादरी, बरेली के रूप में की।
रेलवे ग्राउंड के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने 22 अक्टूबर को रेलवे ग्राउंड के नजदीक से आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों की 21 मार्कशीट, छह प्रमाणपत्र, 11 अलग-अलग नामों की मुहरें, दो मोबाइल फोन, एक स्कूटी और 8,970 रुपये नकद बरामद हुए।
बरामद दस्तावेजों में हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी, महाराजा अग्रसेन गढ़वाल यूनिवर्सिटी और नॉर्थ ईस्ट क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी, नागालैंड समेत विभिन्न संस्थानों के नाम की मार्कशीट शामिल हैं। पुलिस ने एक स्कूटी भी बरामद की है, जिसका पंजीकरण नंबर यूपी 25 डीवाई 6277 बताया गया है।
कोचिंग सेंटर की आड़ में ठगी का आरोप
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बरेली में डेस्टिनी एजुकेशन सेंटर चलाता है। उसके संपर्क में आने वाले लोगों से वह पुरानी तारीखों की बीए की मार्कशीट की मांग होने पर नोएडा निवासी रामचरण से संपर्क करता था। आरोपी के अनुसार, रामचरण विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने और मार्कशीट उपलब्ध कराने का काम करता है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने राहुल सिंह समेत अन्य लोगों को फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। आरोपी के खिलाफ बारादरी थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।




