बरेली। बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों के बंद होने और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री अताउर्रहमान ने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत कर गन्ने की फसल तैयार करता है, लेकिन उसका भुगतान लंबे समय तक अटका रहता है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि बहेड़ी चीनी मिल पर करीब 170 करोड़ रुपये और नवाबगंज चीनी मिल पर लगभग 72 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है।

आरोप है कि दोनों मिलें बंद कर दी गई हैं और उनकी संपत्तियों की बिक्री की प्रक्रिया भी चल रही है। सपा नेताओं का कहना है कि बहेड़ी चीनी मिल की करोड़ों की जमीन को लगभग 28 करोड़ रुपये में बेचा गया, जबकि उसकी बाजार कीमत इससे कहीं अधिक थी।पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि नीलामी प्रक्रिया में अधिक बोली लगाने वाले खरीदार मौजूद होने के बावजूद संपत्ति कम कीमत पर कैसे बेच दी गई। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के बंद होने से गन्ना किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और क्षेत्र में गन्ने की खेती भी संकट में आ सकती है।
इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने 8 जून (सोमवार) को बरेली मंडल आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। इसमें निष्पक्ष जांच कराने और किसानों के बकाया भुगतान जल्द दिलाने की मांग की जाएगी।प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, विधायक एवं पूर्व मंत्री अताउर्रहमान, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी सहित कई नेता मौजूद




