बरेली:
भारतीय किसान यूनियन (अ) ने किसानों और ग्रामीणों से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंडल अध्यक्ष अनवीर सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और वन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।
भाकियू (अ) नेता शोएब इजहार खान ने आरोप लगाया कि वन विभाग किसानों को परेशान करने वाले आदेश लागू कर रहा है। उनका कहना है कि पहले शासन स्तर पर महीनों तक पेड़ों के परमिट बंद रहे और अब जिला स्तर पर भी अनुमति प्रक्रिया रोक दी गई है। जबकि उद्यान विभाग पहले ही फलहीन पेड़ों की रिपोर्ट देता है, इसके बावजूद किसानों को अनुमति नहीं मिल रही। संगठन ने मांग की कि किसानों को अपने सूखे और फलहीन पेड़ काटने की अनुमति दी जाए, वरना 20 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही यूनियन ने जिले में चल रहे अवैध जच्चा-बच्चा केंद्रों, अल्ट्रासाउंड सेंटर, लैब और एक्स-रे सेंटरों पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया कि बिना योग्य डॉक्टरों और रेडियोलॉजिस्ट के कई सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों की महिलाओं की जान जोखिम में पड़ रही है। आरोप लगाया गया कि बाहरी डॉक्टरों के दस्तावेज लगाकर कई फर्जी सेंटर चलाए जा रहे हैं और विभागीय मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही।
भाकियू (अ) ने मांग की कि पूरे जिले में अभियान चलाकर अवैध मेडिकल सेंटरों को सील किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 8 जून को बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (अ) ने किसानों और ग्रामीणों से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंडल अध्यक्ष अनवीर सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और वन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।



