बरेली। सेंट्रल जेल इज्जतनगर से उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी फरार होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए कैदी के भाग निकलने की घटना ने कारागार प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल अधिकारियों ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार फरार कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद, निवासी नेहड़ा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट के एक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। सोमवार दोपहर अचानक उसके जेल से गायब होने की जानकारी सामने आने पर प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही इज्जतनगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी मानुष पारिक ने भी जेल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया और फरार कैदी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कैदी के फरार होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच कराई। प्रथम दृष्टया सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर हेड जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदालाल, मुकेश कुमार, मोहित कुमार तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कुमार और यशपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उधर, जेल प्रशासन की ओर से इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार कैदी की तलाश में जुटी हैं। साथ ही यह जांच भी शुरू कर दी गई है कि आखिर कड़ी निगरानी के बावजूद एक सजायाफ्ता कैदी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर बाहर निकलने में कैसे सफल हो गया।
इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।




