बरेली। जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से कर लिए गए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि रामगंगा, किच्छा, देवहा और धौरा नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। एहतियात के तौर पर जिले की छह तहसीलों में 49 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही संभावित प्रभावित लोगों के लिए 27 राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन ने सभी तहसीलों और नगर निकायों में 24 घंटे संचालित होने वाले बाढ़ कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए हैं। पशुधन की सुरक्षा के लिए 58 पशु राहत केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 800 पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके अलावा सड़कों पर घूमने वाले गोवंश और अन्य पशुओं की देखभाल के लिए 52 विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव, मोटरबोट, खाद्यान्न, पेयजल, सफाईकर्मी और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है और सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सांप के काटने की दवा तथा एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अभी जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांवों और बहेड़ी, मीरगंज, आंवला तथा फरीदपुर क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।



