बरेली। दिवाली से पहले सरकार की पहल ने 15 दिव्यांगजनों के जीवन में खुशियों का नया उजाला भर दिया। किसी के लिए यह दिवाली का सबसे अनमोल उपहार बना तो किसी के लिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का नया रास्ता। सोमवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार ने 15 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की चाबियां सौंपीं।

लंबे समय से आवागमन की चुनौतियों का सामना कर रहे लाभार्थियों को जब अपने नए वाहन की चाबी मिली तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के उत्थान, सम्मान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्रता, सुविधा और स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सांसद ने कहा कि इस सुविधा से दिव्यांगजनों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से अधिक मजबूती के साथ जुड़ पाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल लाभार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती देगी।
इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की बरेली मंडल की उपनिदेशक संगीता सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चमन सिंह और राजकीय संकेत विद्यालय के प्रधानाचार्य बलवन्त सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मुनेश बंसल ने किया।
समारोह में जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी खाँ वारसी, निक्की वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने लाभार्थियों को नई ट्राईसाइकिल मिलने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दिवाली से पहले मिला सरकार का यह उपहार इन 15 परिवारों के लिए केवल एक वाहन की सौगात नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर आया।



