मृतक समझकर कर दिया अंतिम संस्कार, अगले दिन जिंदा घर पहुंचा मंशालाल; फिर पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

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बरेली।

इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले एक शव की पहचान को लेकर ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने दो परिवारों और पुलिस को असमंजस में डाल दिया। एक परिवार ने शव को अपने परिजन मंशालाल का मानकर उसकी सुपुर्दगी ली और अंतिम संस्कार भी कर दिया। लेकिन अगले दिन मंशालाल खुद घर लौट आए। इसके बाद शव की दोबारा पहचान कराई गई तो सामने आया कि वह मंशालाल नहीं, बल्कि दूसरे परिवार के चंद्रिका सिंह यादव थे।

मामला 2 अक्टूबर का है। इज्जतनगर रेलवे स्टेशन के प्रबंधक ने रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के रन-ओवर होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को क्षत-विक्षत शव मिला। चेहरे पर गंभीर चोट होने के कारण पहचान मुश्किल थी।

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान केशव कुमार ने शव को अपने पिता मंशालाल के रूप में पहचाना। पुलिस ने इस पहचान के आधार पर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

अगले दिन घर लौटे मंशालाल तो मचा हड़कंप

3 अक्टूबर को कहानी ने अचानक करवट ली। केशव कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके पिता मंशालाल घर वापस आ गए हैं। यह जानकारी सामने आते ही पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान को लेकर दोबारा जांच शुरू की।इसी दौरान मंशालाल के पड़ोसी आलोक यादव ने पुलिस को बताया कि उनके पिता चंद्रिका सिंह यादव 2 अक्टूबर की सुबह टहलने के लिए निकले थे, लेकिन वापस घर नहीं पहुंचे।

फोटो और कपड़ों से हुई दूसरी पहचान

पुलिस ने शव की तस्वीर, हुलिया और पहने हुए कपड़ों के आधार पर दोबारा पहचान का प्रयास किया। जांच के बाद शव की पहचान चंद्रिका सिंह यादव के रूप में की गई।इस तरह जिस शव को पहले मंशालाल मानकर उनके परिवार को सौंपा गया था, वह चंद्रिका सिंह यादव का निकला। अब चंद्रिका सिंह के बेटे आलोक यादव अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन करेंगे।

दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट नहीं थी दर्ज

सीओ थर्ड आशुतोष शिवम ने बताया कि मंशालाल और चंद्रिका सिंह यादव, दोनों के संबंध में थाने पर किसी तरह की गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने बताया कि शव का चेहरा रन-ओवर के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। मंशालाल के बेटे ने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की थी और पोस्टमार्टम के दौरान भी यही पहचान बताई गई थी।

सीओ के मुताबिक, मंशालाल के घर लौटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव की पहचान दोबारा कराई। फोटो, हुलिये और कपड़ों के आधार पर शव चंद्रिका सिंह यादव का होना सामने आया। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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Author: newsvoxindia

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