बरेली। खन्नू मोहल्ला स्थित ऐतिहासिक हरी ज़ियारत पर हज़रत शहीद मर्द बाबा रहमतुल्लाह अलेह के सालाना उर्स का तीसरा दिन अकीदत और रूहानियत के माहौल में गुजरा। सुबह से ही दरगाह पर जायरीनों की आवाजाही बनी रही। शाम ढलते ही चादरपोशी और संदल की रस्म के बाद रात में सजी महफिल-ए-समां ने माहौल को सूफियाना रंग में रंग दिया। मशहूर कव्वालों के कलाम पर जायरीन देर रात तक झूमते रहे।

उर्स के तीसरे दिन की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरआन-ए-पाक की तिलावत और सलातो-सलाम से हुई। इसके बाद दिनभर दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंदों का दरगाह पर आने का सिलसिला जारी रहा। जायरीनों ने मजार-ए-मुबारक पर गुलपोशी और चादरपोशी कर मुल्क में अमन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।
मगरिब की नमाज के बाद दरगाह पर पारंपरिक संदल पेश किया गया। इसके बाद इशा की नमाज के बाद महफिल-ए-समां का आयोजन हुआ। सिरौली के मशहूर कव्वाल बिट्टू और बरेली के अयान अरहान उवैसी (बच्चा कव्वाल) ने बुजुर्गों की शान में सूफियाना कलाम पेश किए। उनकी प्रस्तुतियों पर महफिल में मौजूद जायरीनों ने दाद दी और देर रात तक माहौल भक्तिमय बना रहा।
डॉक्टर अनीस बेग ने चादरपोशी कर मांगी सलामती की दुआ
महफिल-ए-समां के दौरान शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनीस बेग ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी की। उन्होंने मुल्क और अवाम की कामयाबी, अमन और सलामती के लिए दुआ मांगी।
सोमवार को होगा कुल शरीफ
दरगाह के मुतवल्ली सैयद मुदस्सर अली ने बताया कि हज़रत शहीद मर्द बाबा रहमतुल्लाह अलेह का कुल शरीफ सोमवार सुबह 11:30 बजे पूरी अकीदत और एहतराम के साथ अदा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुल शरीफ में बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद है।
उर्स के दौरान समाजसेवी पम्मी खां वारसी, रमज़ान खान, हाजी उवैस खान, दानिश जमाल, इमरान खान, मेराज मियां, अकील हुसैन, कामरान खान, मुज़फ्फर अली, गुलफान जहांगीर, मन्नू टंडन, पार्षद सर्वेश रस्तोगी, संजीव रस्तोगी और कमल चंद्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे।




