आयुष्मान कार्ड के नाम पर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, अस्पताल कर्मी समेत पांच गिरफ्तार

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बरेली। गरीबों को मुफ्त इलाज दिलाने वाली आयुष्मान भारत योजना को ही ठगी का जरिया बनाने वाले गिरोह का भोजीपुरा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में अस्पताल से जुड़े कर्मचारी, एंबुलेंस चालक और जन सूचना केंद्र संचालक की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है और उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में भी इसकी सक्रियता की आशंका जताई जा रही है।

सोर्स।एआई

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड, छह कूटरचित आधार कार्ड, 22 राशन कार्ड की छायाप्रतियां, सात मोबाइल फोन और 2,700 रुपये नकद मिले हैं। आरोप है कि गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो आयुष्मान योजना के लिए पात्र नहीं थे। उन्हें मुफ्त इलाज का भरोसा देकर 35 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।

मामले की शुरुआत देवरनिया जागीर निवासी हरप्रसाद की शिकायत से हुई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी और उसकी बेटी की पहचान संबंधी जानकारी में हेरफेर कर आयुष्मान कार्ड तैयार करने के नाम पर उससे 47 हजार रुपये लिए गए। बाद में फर्जी दस्तावेज के कारण उसकी बेटी का ऋषिकेश एम्स में इलाज नहीं हो सका।

शिकायत के बाद भोजीपुरा पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अभयपुर से प्रहलादपुर जाने वाले मार्ग पर राममूर्ति अस्पताल के ब्वॉयज हॉस्टल के पीछे ट्यूबवेल के पास मौजूद हैं। घेराबंदी कर पुलिस ने 19 अगस्त की सुबह करीब 7:58 बजे पांचों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आबिद, सलमान, अरमान, अफरोज और देशरत्न के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी फर्जी आधार और राशन कार्ड तैयार करने के बाद उनके आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाते थे। इसके लिए मोबाइल फोन और विभिन्न ऐप/पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका के संकेत भी मिले हैं।

अब पुलिस आरोपियों के मोबाइल, बैंक लेनदेन, दस्तावेज और अस्पताल रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने फर्जी कार्ड बनाए और सरकारी योजना को कितना नुकसान पहुंचाया। पुलिस को उत्तराखंड में भी नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। मामले में धारा 111 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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Author: newsvoxindia

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