बरेली। रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी ने बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन में सपा के वरिष्ठ नेता वीरपाल यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक शहज़िल इस्लाम, पूर्व मंत्री अताउर रहमान, भगवत शरण गंगवार, जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के लिए जारी नोटिस को वापस लिया जाए, क्योंकि इससे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित होगा।
मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री एवं विधायक शहज़िल इस्लाम ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी नेता राज्यपाल महोदया तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति (चांसलर) हैं और उन्हें छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई होती है तो हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होगी। इसी उद्देश्य से पार्टी नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है।
वहीं, सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल से मांग की है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवन गिराने का आदेश वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। सरकार को छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।



