बरेली। बहुजन सामाजिक संगठन के बैनर तले रणवीर सिंह जाटव के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके साथ आंदोलन कर रहे अन्य लोगों की मांगों पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करने, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। ऐसे में दिल्ली में चल रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान संभव है।
ज्ञापन में कहा गया कि सोनम वांगचुक और उनके अन्य साथी अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय तक अनशन जारी रहने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार का संवैधानिक एवं नैतिक दायित्व है कि आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य की नियमित चिकित्सकीय निगरानी कराई जाए तथा आवश्यक उपचार और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बहुजन सामाजिक संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों से सकारात्मक संवाद स्थापित कर उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए तथा शीघ्र न्यायसंगत एवं शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेगी।

प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इस अवसर पर दीन दयाल गौतम, शुभम गौतम, नीरज, अधिवक्ता कपिल सहित बहुजन सामाजिक संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने और उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।



