भोजीपुरा। बरेली के श्रीराम मूर्ति स्मारक (एसआरएमएस) मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एमडी मेडिसिन प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. आशु पाराशर द्वारा कॉलेज की तीसरी मंजिल से छलांग लगाने की घटना के बाद पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्र के परिजनों का आरोप है कि लगातार हो रही प्रताड़ना और प्रशासनिक उपेक्षा ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस को दी गई शिकायत में छात्र के पिता सुधीर पाराशर ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में प्रवेश के बाद से ही उनके पुत्र को कुछ सीनियर डॉक्टरों द्वारा लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान अपमानित करना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना, अनावश्यक दबाव बनाना और छुट्टी के दिनों में भी काम के लिए बुलाना आम बात थी।
परिजनों का कहना है कि छात्र को कई बार लंबे समय तक लगातार ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया गया। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद उसे राहत नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आरोपों के अनुसार, लगातार मानसिक तनाव और उत्पीड़न से परेशान होकर डॉ. आशु ने 2 मई 2026 को कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल छात्र का लंबे समय तक इलाज चला। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसने अपने परिजनों को कथित प्रताड़ना की पूरी जानकारी दी।
भोजीपुरा पुलिस ने छात्र के पिता की तहरीर पर कुछ सीनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




