मां के हौसले ने बेटे को बनाया मिसाल,एक हाथ से स्पीति वैली की यात्रा कर लौटे अनुज सक्सेना

Picture of newsvoxindia

newsvoxindia

FOLLOW US:

SHARE:

मां के हौसले ने बेटे को बनाया मिसाल: एक हाथ से स्पीति वैली फतह कर लौटे अनुज सक्सेना

दर्द, संघर्ष और मां के विश्वास ने बदली जिंदगी, आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बने बरेली के अनुज

मोहम्मद आदिल

बरेली। जिंदगी जब अचानक कठिन मोड़ पर खड़ी कर दे, तब इंसान टूट भी सकता है और खुद को फिर से खड़ा भी कर सकता है। बरेली के अनुज सक्सेना ने दूसरी राह चुनी। एक भयानक सड़क हादसे में अपना एक हाथ खोने और दोनों पैरों में रॉड पड़ने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आज वही अनुज एक हाथ से कार चलाकर हिमाचल प्रदेश की दुर्गम स्पीति वैली का सफर पूरा कर हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

अनुज सक्सेना अपनी धर्मपत्नी स्वेता सक्सेना के साथ

लेकिन इस संघर्ष के पीछे सबसे बड़ा किरदार उनकी मां स्मृति किरण सक्सेना का रहा, जिन्होंने बेटे को टूटने नहीं दिया।
वर्ष 2018 में हुए सड़क हादसे ने अनुज की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनका एक हाथ काटना पड़ा। दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और कई सर्जरी करनी पड़ीं। करीब 11 ऑपरेशन और 15 महीने तक बिस्तर पर रहने के दौरान अनुज मानसिक रूप से भी बुरी तरह टूट चुके थे।

 

फोटो में अनुज सक्सेना अपनी मां किरन सक्सेना के साथ

उस कठिन समय में उनकी मां  किरण सक्सेना हर पल उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कई दिनों तक बेटे का बिस्तर तक नहीं छोड़ा। जब अनुज निराश हो जाते, तब मां उन्हें समझातीं कि ऊपर वाला हर परीक्षा के पीछे कोई न कोई वजह रखता है और जिंदगी कभी रुकती नहीं। मां के इन्हीं शब्दों ने अनुज को फिर से खड़े होने की ताकत दी।

अनुज सक्सेना की हादसे के बाद इलाज कराते हुए की फोटो

अनुज बताते हैं कि अगर उस समय उनकी मां उनका हौसला न बढ़ातीं, तो शायद वह जिंदगी में दोबारा सामान्य नहीं हो पाते। उनके पिता अजीत सक्सेना ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया। पिता की इच्छा पर ही अनुज ने वकालत की पढ़ाई पूरी की और आज वह जीएसटी के सफल वकील हैं। शहर में उनके कई बड़े क्लाइंट हैं और उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

अनुज सक्सेना को बरेली बार एसोसिएशन सम्मान करती हुई

अनुज की पत्नी श्वेता भी हर मुश्किल वक्त में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। परिवार के इसी विश्वास और प्यार ने उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने का आत्मबल दिया।इसी आत्मविश्वास के साथ अनुज ने हाल ही में एक हाथ से कार चलाकर स्पीति वैली का कठिन सफर पूरा किया। उनकी पत्नी और दोनों बच्चे भी इस यात्रा में साथ रहे। खराब मौसम, बर्फीले रास्ते और 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों के बावजूद उन्होंने साहस नहीं खोया।

 

हिमाचल में यात्रा के दौरान अनुज सक्सेना

नाको, काजा, हिक्किम, कॉमिक, की मोनेस्ट्री और एशिया के सबसे ऊंचे पुल चिचम ब्रिज जैसे कठिन स्थानों तक पहुंचकर अनुज ने साबित कर दिया कि अगर परिवार का साथ और मां का विश्वास हो, तो जिंदगी की कोई भी मुश्किल इंसान को रोक नहीं सकती।
आज सोशल मीडिया पर उनकी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग उनके जज्बे की तारीफ कर रहे हैं। अनुज की कहानी केवल एक रोमांचक यात्रा की कहानी नहीं, बल्कि उस मां के विश्वास की कहानी है जिसने अपने बेटे को टूटने नहीं दिया।

newsvoxindia
Author: newsvoxindia

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ी गई न्यूज