बरेली। जिले में किसानों और आमजन से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर किसान एकता संघ के पदाधिकारियों ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान किसानों ने शिक्षा, बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने प्रदेश के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि निजी स्कूलों में महंगी किताबें लागू होने से गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिससे शिक्षा का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
किसानों ने प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था का भी विरोध जताया। डॉ. रवि नागर ने इसे किसान विरोधी कदम बताते हुए कहा कि पहले ही महंगी बिजली दरों और फसलों के भुगतान में देरी के कारण किसान परेशान हैं। ऐसे में प्रीपेड मीटर लागू होने से उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ेंगी।
इसके अलावा बरेली-बदायूं सिंचाई परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई गई। किसानों का कहना है कि इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और खेती को मजबूती मिलेगी।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान यज्ञ प्रकाश गंगवार, पंडित राजेश शर्मा, गिरीश गोस्वामी, डॉ. अंशु भारती, दीपक पांडे, संजय पाठक, वीरेश भगत, संजय यादव, रणजीत पाल, नरेश गुर्जर, धनपाल, सुरेंद्र तिवारी, कमल श्रीवास्तव, प्रेमपाल गंगवार और राजेंद्र खलीफा सहित कई किसान मौजूद रहे।




