बरेली/लखनऊ/इंदौर। अगर आपने इंटरमीडिएट या ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है और बेहतर नौकरी की तलाश में हैं, तो शॉर्ट-टर्म साइकोलॉजी सर्टिफिकेट कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह कोर्स ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है, जिससे आप घर या नौकरी के साथ भी आसानी से पढ़ाई जारी रख सकते हैं। कम अवधि और किफायती फीस इसकी खासियत है।

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मेघा मनीषा शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में मेंटल हेल्थ सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में 3 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स छात्रों को नई दिशा दे सकते हैं। इंटर पास विद्यार्थी अपनी छुट्टियों का उपयोग इस तरह के कोर्स में कर सकते हैं।
इन कोर्सों में साइकोलॉजिकल लिटरेचर, काउंसलिंग साइकोलॉजी इंटर्नशिप और एडवांस्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग जैसे विषय शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान ह्यूमन बिहेवियर की समझ, कम्युनिकेशन स्किल, एक्टिव लिसनिंग, इमोशनल इंटेलिजेंस और बेसिक काउंसलिंग तकनीक सिखाई जाती है।
इस कोर्स को 12वीं पास छात्र, ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थी, शिक्षक, नर्स, एनजीओ कार्यकर्ता या काउंसलर बनने के इच्छुक युवा कर सकते हैं। कोर्स के बाद स्कूल काउंसलिंग सपोर्ट, हॉस्पिटल, एनजीओ, वेलनेस प्रोग्राम या काउंसलिंग सेंटर में अवसर मिल सकते हैं।
ISO और IAF प्रमाणित कोर्स होने से सर्टिफिकेट की विश्वसनीयता बढ़ती है और यह नौकरी या इंटर्नशिप के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह कोर्स युवाओं को नए करियर विकल्प दे सकता है। अधिक जानकारी के लिए कोमोरेबी काउंसलिंग एंड वेलनेस से संपर्क किया जा सकता है।



