
बरेली । आगामी 14 मई को होने वाले अक्षय तृतीय या अखातीज के अवसर पर ग्रामीण अंचलों में प्रचलित बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रोहित सिंह सजवाण को पत्र लिख कर इस सम्बंध मे विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। नीता अहिरवार ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियत-2006 लागू होने एवं उसका प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु शासन द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किये जाते रहे है। समय-समय पर शासन की जानकारी में यह तथ्य आता है कि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह की प्रथा आज भी प्रचलित है। अक्षयतीज (अखातीज) के अवसर पर, या उसके आसपास सामूहिक बाल विवाह सम्पन्न किये जाने की कुप्रथा चल रही है। उन्होनें कहा कि वर्ष 2021 में अक्षयतीज (अखातीज) का पर्व दिनांक 14 मई को पड़ रहा है। इस दिन बाल विवाह पर प्रतिबंध होने के बाबजूद बाल विवाह किये जाने का प्रयास किया जाता है। उन्होने कहा कि शासन द्वारा अपेक्षा की जाती है कि बाल विवाह के रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाये जायें। निदेशालय महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्र संख्या-111 दिनांक 10 मई 2021 के द्वारा वैश्विक महामारी के इस अत्यंत महत्वपूर्ण दौर में महामारी तथा बाल विवाह की कुरीति दोनो की रोकथाम हेतु निर्देश दिये गये है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आम जन सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने हेतु विशेष सजगता एवं सर्तकता के साथ आवश्यक सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में प्रभावी कदम उठाने तथा किसी भी दशा में विवाह न होने देने का संकल्प आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पुलिस का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए इसकी सूचना 181 महिला हेल्प लाइन एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 112 आकस्मिक सेवा, नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दी जा सकती है




