
बरेली। ट्रेजेडी किंग के नाम से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार का यूपी उत्तराखंड की राजनीति से अनचाहा रिश्ता रहा है। बताया जाता है कि एक दौर में राजीव गांधी के निधन के बाद प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में से एक थे एनडी तिवारी ।
एक चूक के चलते एनडी तिवारी पीएम बनते रह गए
यूपी और उत्तराखंड के सीएम रहे कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी 1991 का लोकसभा चुनाव स्टार प्रचारक अभिनेता दिलीप कुमार की वजह से हार गए थे। उस समय एनडी तिवारी नैनीताल से चुनाव लड़ रहे थे उनका मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार बलराज पासी से था। माना यह जा रहा था तिवारी यह चुनाव आसानी से जीत जाएंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। एनडी तिवारी ने अपने एक इंटरव्यू में बरेली में बताया था कि कांग्रेस के स्टार प्रचारक दिलीप कुमार ने बहेड़ी में चुनाव प्रचार किया था । उस समय बरेली जिले की यह विधानसभा तब नैनीताल लोकसभा सीट का हिस्सा हुआ करती थी। तब दिलीप कुमार ने जनता से उन्हें जिताने की अपील की। हालांकि उन्हें पता नहीं था कि दिलीप कुमार का असली नाम ‘यूसुफ खान’ है।
बहेड़ी की जनता में यह संदेश गया कि यूसुफ खान होते हुए भी उनके लिए सिफारिश कर रहे हैं जिसके चलते एनडी तिवारी को 11 हजार वोटों से हरा दिया। तिवारी को सभी विधान सभा क्षेत्रों में अधिक वोट मिले लेकिन सिर्फ बहेड़ी में विरोध में पड़े वोटों की वजह से हार गए। राजनैतिक जानकार बताते है कि उस समय चुनाव दो समुदाय में बंट गया जिसका नुकसान तिवारी जी को हुआ।
एनडी तिवारी के चुनाव हारने के बाद नरसिम्हाराव बने पीएम
राजीव गांधी के हत्या के बाद कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में तिवारी भी शामिल थे। लेकिन तिवारी जी की हार की वजह से नरसिम्हाराव को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला। इसके बाद से तिवारी जी का राजनीति ग्राफ धीरे धीरे नीचे गिरता रहा।




