जनसंख्या नीति पर रार : आजादी पर कानून के जरिए पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए : यासीन उस्मानी

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पंकज गुप्ता 

बदायूं |यूपी में जनसंख्या नीति 2021- 30 का एलान होने के बाद तमाम लोगों के बयान इसके पक्ष और विपक्ष में सामने आ रहे हैं | उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ सपा नेता यासीन उस्मानी ने अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए नई जनसंख्या नीति को लेकर बड़े सवाल खड़े किए हैं उन्होंने कहा है कि यह कानून चुनाव से पूर्व सिर्फ सियासी फायदा उठाने के लिए बनाया जा रहा है।5 साल बाद उत्तर प्रदेश में नई जनसंख्या नीति लागू की गई है 2016 में ही जनसंख्या नीति खत्म हो गई थी|  नई जनसंख्या नीति में दो बच्चों की नीति को बढ़ावा दिया गया है दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति को इस नीति के लागू होने के बाद तमाम सुविधाएं नहीं मिलेंगी इसको लेकर प्रदेश में बहस छिड़ी हुई है तथा तमाम लोगों के बयान इसके पक्ष और विपक्ष में रोज सामने भी आ रहे हैं | समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी के पूर्व चेयरमैन यासीन उस्मानी ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले इस नीति को लागू करने के पीछे सियासी खेल बताया है यासीन उस्मानी आज अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।यासीन उस्मानी ने कहा कि पूरे समाज के लिए जब कोई कानून बनाया जाता है तो उसमें हर बात का ख्याल रखा जाता है जबरदस्ती किसी पर कानून थोपा नहीं जाता उन्होंने कहा कि आदमी की आजादी पर कानून के जरिए पाबंदी नहीं लगानी चाहिए।उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन यासीन उस्मानी ने कहा कि बगैर किसी से बातचीत के चुनाव से 5-6 महीने पहले इस तरीके का कानून बनाया जाना यह दर्शाता है कि यह सियासी नजरिए से बनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि आदमी की आजादी पर कानून के जरिए पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए इंसान इस बात के लिए आजाद है कि उसके घर में कितने बच्चे हो या ना हो यह आजादी उसे कुदरत ने दी है उन्होंने कहा कि हम इस नीति से इत्तफाक नहीं रखते।

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Author: cradmin

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