
मुज्जसिम खान
वरिष्ठ संवाददाता
रामपुर ।रक्षाबंधन हमारे देश में प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसका नाम आते ही भाई और बहन का प्यार की तरह-तरह की तस्वीरें इंसान के जहर में घूमने लगती हैं अब चाहे भाई बॉर्डर पर हो या फिर जेल में हो बहन के लिए भाई तो भाई है बहन अपने भाई के हाथों में प्रेम से जुड़ा यह राखी का बंधन बांधने के लिए बेताब रहती है कुछ इसी तरह की तस्वीरें रामपुर जिला जेल पर उस समय देखने को मिली जब 16 महीने के बाद रक्षाबंधन का त्यौहार आया और बड़ी संख्या में बहने जेल में बंद अपने भाइयों के हाथों पर राखी बांधने के लिए जनसैलाब के रूप में उमड़ आई ।
जिला जेल रामपुर में कुछ दिन पहले ही बंदियों से कोविड-19 के नियमों को प्राथमिकता देते हुए सरकारी फरमान के बाद मुलाकात कराए जाने को लेकर जेल के दरवाजे खोल दिए गए हैं । 16 महीने से जो लोग अपनों की सूरत देखने के लिए तरस रहे थे वह अब मुलाकाती के रूप में जेल के अंदर पहुंचना शुरू हो गए हैं ।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर जेल पर अपनों से मिलने के लिए जहां बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा वही पुरुष मुलाकात हुई अपनों की सूरत देखने के लिए बेताब नजर आए हालांकि जेल प्रशासन द्वारा रक्षाबंधन पर होने वाली मुलाकात को लेकर माकूल इंतजामात किए गए थे । जेल परिसर मैं जहां पानी व तेज गर्मी में धूप से बचने के लिए टेंट आदि का इंतजाम किया गया था तो वही जेल कर्मियों के साथ साथ पुलिस विभाग के जवान भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैदी के साथ डटे रहे ।
जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के मुताबिक मुलाकातें अभी रिसेंटली खुली है जो लंबे समय से बंद थी रक्षाबंधन का समय है जिसको लेकर दो-तीन दिन से व्यवस्थाएं की गई थी जेल के बाहर मुलाकात पर आने वाले लोगों के लिए जहां पानी व धूप आदि से बचने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है वही पर्याप्त संख्या में जेल कर्मियों व पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से इस कार्य के लिए लगाया गया है ।




